रियो ओलंपिक में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र प्रवीण राणा कुश्ती में दमखम दिखा सकते हैं। छात्र मेंस फ्री स्टाइल कुश्ती की 74 किग्रा भारवर्ग में खेलते हैं। 2012 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी लेवल पर विवि को गोल्ड मेडल दिलाने के बाद प्रवीण छा गए थे।
इसके बाद से वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूम मचा रहे हैं। सीसीएसयू के दो छात्र ओलंपिक में पहुंच चुके हैं। प्रवीण से पहले कुश्ती में ही सुशील कुमार तीन ओलंपिक खेल चुके हैं। दो ओलंपिक में उन्होंने ब्रांज और सिल्वर मेडल भी जीते। डोप में फंसे नरसिंह यादव की जगह प्रवीण को मौका मिल सकता है। नरसिंह का मामला अभी चल रहा है।
प्रवीण राणा मूल निवासी दिल्ली के कुतुबगढ़ गांव के हैं। उन्होंने सीसीएसयू से संबद्ध संस्थान एनसीपीई नोएडा में सत्र 2012-13 में बीपीई (बैचलर इन फिजिकल एजूकेशन) डिग्री में एडमिशन लिया था।
इस सत्र में विवि से खेलते हुए प्रवीण ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था। चैंपियनशिप पंजाब की एसजीबी अमरावती यूनिवर्सिटी में हुई थी। 74 किग्रा वेट कैटेगरी में सबको धूल चटाते हुए प्रवीण ने गोल्ड मेडल जीता था। अहम बात यह है कि अभी भी प्रवीण इसी वेट कैटेगरी में खेल रहे हैं। गोल्ड मेडल जीतने पर विवि ने उस वक्त प्रवीण 30 हजार रुपये का इनाम दिया था।
विवि के स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ. जीएस रूहल का कहना है प्रवीण को मौका मिलने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने बताया कि अगर प्रवीण खेले तो विवि के दो छात्र ओलंपियन हो जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सुशील कुमार भी विवि के पूर्व छात्र हैं। सुशील कुमार सत्र 2002-03 में विवि के फिजिकल एजूकेशन के छात्र रहे हैं। तब उन्होंने भी ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में विवि को गोल्ड मेडल दिलाया था। सुशील कुमार ने ओलंपिक 2008 में ब्रांज मेडल और ओलंपिक 2012 में सिल्वर मेडल जीता था।