मांगपत्र में शो रकम कम करने के नाम पर एमडीए के संपत्ति लिपिक ने कार्यालय में ही धड़ल्ले से सात हजार रुपये रिश्वत ले ली। बाबू इतना बेखौफ था कि आराम से नोट गिने, हिदायत दी और फिर जेब के हवाले किए। लेकिन यह कारस्तानी कैमरे में कैद कर ली गई। आवंटी ने घूसखोर क्लर्क का स्टिंग ऑपरेशन कर इसे एमडीए उपाध्यक्ष को दिखाया। वीसी ने अपर सचिव को जांच सौंपते हुए लिपिक को नोटिस जारी कर शुक्रवार शाम तक जवाब मांगा है।
यह है प्रकरण
सैनिक विहार योजना के स्थानीय निवासी शकील अहमद का ईडब्लूएस श्रेणी का आवास है। उसमें तय भूभाग से लगभग सवा तीन मीटर जगह ज्यादा आ रही है। इस बढ़ी जगह के लिए उसे 62 हजार रुपये जमा करने का मांगपत्र जारी कर दिया गया। शकील ने संपत्ति लिपिक ऋषिपाल से संपर्क साधा तो आरोप है कि ऋषिपाल ने कहा कि यह रकम काफी कम कर दी जाएगी। बशर्ते वह कुछ घूस दे। सात हजार रुपये में बात तय हो गई।
फंस गया बाबू
बीती शाम आवंटी ने एक वीडियो क्लिप वीसी के सामने पेश की। इसमें दिखाया गया है कि शकील एक व्यक्ति के साथ इस रकम को लेकर एमडीए में ऋषिपाल के पास पहुंचा। कुछ देर बात करने के बाद शकील ने जेब से रकम निकालकर ऋषिपाल को दी। ऋषिपाल ने भी तसल्ली से नोट गिने। काफी देर नोटों को पकड़े रहा। कहा कि अभी दो बार और आना होगा। मैं खुद फोन कर दूंगा। इसके बाद रकम जेब के हवाले कर ली। यह पूरा वाकया शकील के साथ आए व्यक्ति ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।
दंग रह गए वीसी
छह मिनट से ज्यादा की इस क्लिप में बाबू का बेखौफ अंदाज देखकर वीसी दंग रह गए। उन्होंने तत्काल इसकी जांच अपर सचिव बैजनाथ को दे दी। अपर सचिव ने सीडी पर पूरे प्रकरण को गंभीरता से देख अपनी रिपोर्ट दे दी।
कागज में करते हैं खेल
रिश्वत लेने के लिए कर्मचारी खुद ही आधार तैयार करते हैं। संपत्ति मामलों में यदि किसी व्यक्ति के भूखंड में अब ज्यादा जमीन आ रही है तो उसका रेट वही लिया जाएगा जो आवंटन के समय था। बाबू यहीं खेल करते हैं। वर्तमान दर पर कई गुना ज्यादा रेट शो कर मांगपत्र जारी कर देते हैं। जिससे आवंटी के होश उड़ जाते हैं। फिर कर्मचारी मोटी रकम वसूलकर उसका वास्तविक रेट का मांगपत्र जारी करते हैं।