मेरठ। एमबीबीएस कॉपी घोटाले के दो छात्रों का रिजल्ट जारी किए जाने का मामला ठंडा भी नहीं हुआ कि कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही फिर सामने आ गई। पिछले साल जून में मुजफ्फरनगर के जैन कन्या डिग्री कॉलेज में नकल करते पकड़े गए छात्रों का भी रिजल्ट जारी कर दिया गया। कुलपति ने गोपनीय विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया है। इसके साथ ही इन छात्रों का रिजल्ट तत्काल रोकने के निर्देश जारी किए कर दिए हैं।
नौ जुलाई 2019 को एमबीबीएस की सेमेस्टर एवं सप्लीमेंट्री परीक्षा के दौरान मुजफ्फरनगर शहर के जैन कन्या डिग्री कॉलेज में 12 छात्र सामूहिक नकल करते पकड़े गए। ये इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से नकल कर रहे थे। पूरे मामले में कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परीक्षा समिति की बैठक में सभी छात्रों को कैटेगिरी पांच में डालते हुए उस वर्ष की परीक्षा निरस्त करते हुए दो साल तक परीक्षा में बैठने से रोक दिया था। कार्रवाई से गोपनीय विभाग को अवगत करा दिया गया था। छात्र इस मामले में हाईकोर्ट से परीक्षा में शामिल होने का आदेश ले आए थे, जिसके बाद विवि प्रशासन को इन छात्रों को परीक्षा दिलानी पड़ी थी। सोमवार को कुलपति ने इस मामले की सारी रिपोर्ट मांगी तो पता चला कि इनका रिजल्ट भी जारी कर दिया। हालांकि मार्कशीट जारी नहीं की गई। कुलपति ने गोपनीय कार्यालय के अधिकारी से पूछा कि हाईकोर्ट के आदेश पर परीक्षा हुई, लेकिन रिजल्ट बिना किसी आदेश के कैसे जारी कर दिया गया। उन्होंने तत्काल प्रभाव से रिजल्ट को रद करने के निर्देश दिए। इसी के साथ अधिकारियों को फटकार लगाई गई कि इस तरह के मामलों में ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कर्मचारी बोले, अधिकारी भी तो दोषी
सीसीएसयू में एमबीबीएस कॉपी घोटाले केे आरोपी छात्रों का रिजल्ट जारी करने पर सस्पेंड हुए कर्मचारियों के पक्ष में सोमवार को सभी कर्मचारियों ने कुलपति को ज्ञापन दिया। कर्मचारियों ने कहा कि पूरे मामले की जिम्मेदारी तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक और उप कुलसचिव की बताते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की। कॉलेज द्वारा आरोपी छात्रों के फार्म भरने के मामले में विवि प्रशासन ने एमसीआई को पत्र भेज दिया है।
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