कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में भक्तामर विधान एवं पाठ के दौरान पूजा अर्चना और धर्मसभा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 32वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया।108 भाव भूषण महाराज ने कहा कि संयम ही पर्यावरण संरक्षण का सर्वश्रेष्ठ साधन है। कुछ नियम अपनाकर हम संयम के साथ वातावरण की सुरक्षा कर सकते हैं।
यदि इंसान पृथ्वी का दोहन न करें, पानी बर्बाद न करें, वायु में प्रदूषण न फैलाएं, अग्नि का जरूरत भर इस्तेमाल करें तो हमारे संयमित जीवन से इन सबकी रक्षा हो सकती है। जिसके भयावह परिणामों से बच सकते हैं। इससे पूर्व स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य प्रमोद जैन वीरेंद्र जैन सिद्धांत जैन शांतिधारा वीरेंद्र जैन, सुशील जैन को प्राप्त हुआ। दीप का प्रज्वलन राजरानी जैन, वैशाली जैन ने किया। सुनीता दीदी ने विश्व के सभी जीव सुखी रहें ऐसी मंगल भावना के साथ शांतिधारा का उच्चारण किया।
देव-शास्त्र-गुरु एवं आदिनाथ भगवान की पूजा के बाद सभी तीर्थंकरों के अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। जिसमें विधान कराने वाले सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 131 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया।
विधान का विसर्जन मंजू जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्वलन अजय जैन, पुष्पा जैन ने किया। आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन कुसुमलता जैन ने किया। भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन जैन महिला मंडल ने किया। प्रश्नमंच के पश्चात उपस्थित विजेताओं नीलम जैन मुकेश जैन की ओर से पुरस्कार प्रदत्त किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, योगेशचंद जैन, मयंक जैन, अजीतप्रसाद जैन का विशेष सहयोग रहा।
कैलाश पर्वत मंदिर पर भगवान का अभिषेक करते श्रद्धालु स्रोत संवाद