- खेल सामान उद्योग के लिए दिल्ली में कांक्लेव, केंद्रीय खेल मंत्री रहे मुख्य अतिथि
- मेरठ, जालंधर सहित अन्य प्रदेशों के खेल सामान से जुड़े हुए शामिल
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग कांक्लेव का आयोजन स्पोर्ट्स मिनिस्ट्री द्वारा किया गया। कार्यक्रम में खेल सामान एवं खिलौना निर्यात संवर्धन परिषद मेरठ के खेल उद्योग को शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के लिए कई विषयों पर प्रकाश डाला।
अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य खेल उद्योग को बढ़ाना और 2036 के ओलंपिक तक मेरठ को खेल सामान उद्योग के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना रहा। कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य अतिथि रहे। परिषद के क्षेत्रीय निर्देशक संजय भल्ला, उपाध्यक्ष अंबर आनंद, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) से गौरव जैन, चरणप्रीत भाटिया सहित कई उद्यमी मौजूद रहे। उद्यमियों ने 2036 ओलंपिक की तैयारियों को लेकर अपने सुझाव साझा किए। परिषद के अध्यक्ष सुमनेश अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि खेल सामान और कच्चे माल पर जीएसटी की दर को 5 प्रतिशत किया जाए।
खेल सामान एवं खिलौना निर्यात संवर्धन परिषद क्षेत्रीय निर्देशक संजय भल्ला ने उद्योग विस्तार के लिए परतापुर में इटायरा और कासी गांव के बीच 100 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को खेल उद्योग गलियारे के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। उपाध्यक्ष अंबर आनंद ने कहा कि खिलौनों पर आयात शुल्क को 20 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने से मेरठ का खिलौना उद्योग शीर्ष पर पहुंचा। उन्होंने खेल उपकरणों और सामान पर भी 60 प्रतिशत आयात शुल्क की मांग की।