मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में शोध प्रविधि विषय पर एक सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें शोध की गुणवत्ता बढ़ाने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने पर जोर दिया गया। प्रतिभागियों को व्यावहारिक सांख्यिकीय विधियों का प्रशिक्षण दिया गया।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में शोध प्रविधि विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन
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मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर) चंडीगढ़ के सहयोग से शोध प्रविधि विषय पर एक सप्ताह का अल्पावधि प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने किया।
कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि शोध की गुणवत्ता और विश्वसनीयता किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान होती है। आज के युग में ज्ञान-विज्ञान और प्रौद्योगिकी में तीव्र गति से हो रहे बदलाव के बीच शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सही प्रविधि का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। उएनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ से आए समन्वयक प्रो. एबी गुप्ता ने प्रतिभागियों को सांख्यिकीय विधियों, प्रयोगों की संरचना और नमूनों के चयन की तकनीकों से अवगत कराया। उन्होंने व्यावहारिक गतिविधियों और सहभागिता आधारित पद्धतियों के माध्यम से कठिन शोध-सिद्धांतों को सरल और रोचक बनाया। उन्होंने बताया कि यह एक सांख्यिकीय प्रक्रिया हैं, जिसके माध्यम से किसी धारणा अथवा परिकल्पना की सत्यता या असत्यता का परीक्षण किया जाता है। उसके पश्चात् प्रायोगिक अनुसंधान डिज़ाइन पर सत्र आयोजित हुआ। वक्ताओं ने बताया कि किसी भी शोध का मूल आधार उसका डिज़ाइन होता है। यदि अनुसंधान की रूपरेखा व्यवस्थित और वैज्ञानिक हो तो परिणाम अधिक प्रमाणिक और उपयोगी होते हैं।