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यूपी: मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का दुष्प्रचार, मुकदमा दर्ज

Sat, 02 Nov 2019 02:24 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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सामूहिक विवाह - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में जिला निगरानी समिति के सदस्य द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का दुष्प्रचार किए जाने का मामला सामने आया है। सीडीओ ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 14 नवंबर को मेरठ में कार्यक्रम प्रस्तावित है। गरीब कन्याओं का यहां शासकीय योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाना है। इसे लेकर संबंधित विभाग तैयारी में जुटे हैं।

इसी योजना से जुड़ा एक व्हाट्सएप मैसेज शुक्रवार को किसी ने डीएम अनिल ढींगरा को भेजा। मैसेज में लिखा था कि ऐसे गरीब परिवारों के लिए जो अपनी कन्या का विवाह का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं, सरकार उनके विवाह का संपूर्ण खर्च उठाएगी।

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साथ ही वर-वधू को आर्थिक सहायता देने का भी जिक्र किया गया। डीएम का यह मैसेज दर्शाया गया था, लेकिन नीचे मैसेज भेजने वाले ने अपना मोबाइल नंबर डाला हुआ था। जिससे यदि कोई संपर्क करें तो केवल वही संपर्क में आए।

डीएम अनिल ढींगरा ने इसका संज्ञान लिया और सीडीओ को कार्रवाई के निर्देश दिए। सीडीओ ने जिला समाज कल्याण अधिकारी मोहम्मद मुश्ताक अहमद की तरफ से सिविल लाइन थाने में तहरीर दिलवाई। इसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।

जिला निगरानी समिति का सदस्य है आरोपी
जिस युवक पर योजना के गलत प्रचार का आरोप लगा है उसका नाम नितिन कुमार शेर निवासी पूर्वा अहिरान है। नितिन समाज कल्याण विभाग की जिला स्तरीय निगरानी समिति का सदस्य है, लेकिन जिस तरह उसने योजना का गलत प्रचार किया उसके बाद मंशा गलत ही प्रतीत हो रही है।

सबसे बड़ी बात नितिन ने व्हाट्सएप पर चल रहे इस मैसेज में उत्तर प्रदेश सरकार के शासकीय लोगो ( प्रतीक चिह्न) का भी प्रयोग किया। साथ ही सरकारी मोबाइल नंबर न देकर अपना नंबर दिया।

योजना का किया गया पूरी तरह गलत प्रचार
जिला समाज कल्याण अधिकारी मोहम्मद मुश्ताक अहमद ने नितिन के निगरानी समिति का सदस्य होने की पुष्टि की, साथ ही उन्होंने योजना का गलत प्रचार करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सरकार प्रत्येक जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक मदद और 10 हजार रुपये का सामान उपलब्ध कराती है।

धनराशि सीधे वधू के खाते में डाली जाती है। जबकि व्हाट्सअप ग्रुप पर चल रहे इस मैसेज में शादी का संपूर्ण खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने का दुष्प्रचार किया गया है, जिससे प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।
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मुझसे गलती हुई
नितिन कुमार शेर ने फोन पर वार्ता में अपनी गलती स्वीकार की। उसने कहा है कि वह डीएम से मिलकर माफी मांगने को तैयार है। नितिन ने यह भी बताया कि 14 नवंबर को सामूहिक विवाह का कार्यक्रम है। जिला समाज कल्याण विभाग के एक बाबू के कहने पर उन्होंने प्रचार किया। गलती यह हो गई कि व्हाट्सएप ग्रुप पर इस मैसेज को डाल दिया।

धोखाधड़ी व आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज
सीओ सिविल लाइन हरिमोहन सिंह ने बताया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जल्द मामले का खुलासा किया जाएगा।
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