मेरठ। पाकिस्तान से कनेक्शन के मामले में यूपी एटीएस की गिरफ्त में आए मेरठ के मास्टरमाइंड अगवानपुर परीक्षितगढ़ निवासी साकिब उर्फ डेविल और अरबाब के परिजनों से परीक्षितगढ़ पुलिस और इंटेलिजेंस की टीम ने शनिवार को लंबी पूछताछ की। पुलिस ने अरबाब का पासपोर्ट अपने कब्जे में लेकर एसएसपी को निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेज दी है। साकिब पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज होने के चलते उसका पासपोर्ट नहीं बन सका था, हालांकि उसने पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया था। पुलिस ने अरबाब और साकिब के साथ-साथ इनके परिजनों के भी बैंक खातों की च शुरू कर दी है।
साकिब, अरबाब और इनके सगे-संबंधियों के खाते में रकम कहां-कहां से आ रही है, इसकी भी जांच की जा रही है। दोनों के परिजनों ने नंबरों की भी सीडीआर निकाली जा रही है, ताकि पता चल सके कि वह किन-किन के संपर्क में रहे हैं।
साकिब और अरबाब पाकिस्तानी हैंडलर और कट्टरपंथी संगठनों के संपर्क में लंबे समय से जुड़े रहे हैं। खुफिया विभाग को अरबाब और साकिब के परिजनों ने पूछताछ में बताया कि साकिब उर्फ डेविल आठ साल पहले हैदराबाद शिफ्ट हो गया था। उसका भाई भी उसके साथ हैदराबाद में रहता है। वहां पर नाई की दुकान चला रहा था। अरबाब चार साल पहले गुरुग्राम में शिफ्ट हो गया था। वहां पर वेल्डिंग का काम कर रहा था। इंटेलिजेंस और परीक्षितगढ़ पुलिस ने इनके परिजनों के भी बैंक खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। इनके पास किस-किस देश से रुपया खाते में आ रहा था। दोनों आरोपियों के परिजनों के नंबरों की सीडीआर को भी निकाला जा रहा है। वहीं दूसरी ओर माना जा रहा है कि ग्रेटर नोएडा के कासना स्थित एक कंपनी से फरहान नबी सिद्दीकी नाम का आरोपी करीब चार महीने पहले पकड़ा था। इसके अलावा हाल ही में अंबाला, गाजियाबाद के कौशांबी और हापुड़ के धौलाना से संबंधित जासूस पकड़े थे। आशंका है उसी से पूछताछ में इनपुट पर एटीएस काम कर रही थी। माना जा रहा है, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई है।
अरबाब का पासपोर्ट निरस्त कराया जाएगा। इनके गैंग में कौन-कौन शामिल हैं, इसको लेकर भी जांच कराई जा रही है। इनके खातों की भी पूरी पड़ताल कराई जा रही है। दोनों आरोपी मेरठ में ईद पर तीन दिन के लिए अपने-अपने घर आए थे। यदि बैंक के रिकार्ड में और इनके परिजनों खाते में गतिविधियां पाई जाती हैं तो परिजनों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। अविनाश पांडेय, एसएसपी।