मेरठ। मेरठ के लिए यह अच्छी खबर है। छह साल पहले जिस रैपिड एक्शन फोर्स एकेडमी ऑफ पब्लिक ऑर्डर (रैपो) की शुरुआत हुई थी, उसे अब दंगा नियंत्रण के लिए देश भर के एकमात्र प्रशिक्षण केंद्र का दर्जा मिल गया है। वेदव्यासपुरी स्थित आरएएफ की 108 वाहिनी के पास स्थित इस एकेडमी में म्यांमार से पहुंचे पुलिस अधिकारियों की मंगलवार से सात दिवसीय ट्रेनिंग के साथ ही इस कोर्स की शुरुआत हो गई। एकेडमी के एक्सपर्ट इन अधिकारियों को दंगा नियंत्रण के गुर सिखाएंगे। एक माह पहले ही इस प्रशिक्षण संस्थान को स्वतंत्र प्रशिक्षण केंद्र के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है।
इस एकेडमी का उद्घाटन तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री ने 10 नवंबर 2013 को किया था। गृह मंत्रालय के प्रयासों से ही भारत के इस एकमात्र दंगा नियंत्रण प्रबंधन संस्थान (आरएएफ) को म्यांमार पुलिस को प्रशिक्षण देने का अवसर मिला। इस कोर्स का विधिवत शुभारंभ करते हुए आईजी आरएएफ अरुण कुमार ने कहा कि इस कोर्स का उद्देश्य म्यांमार के पुलिस अधिकारियों को दंगा नियंत्रण के सभी तकनीकी पहलुओं से रूबरू करवाना है। साथ ही आधुनिक हथियारों और विशेष योजनाओं में प्रशिक्षित करना है।
यह सिखाया जाएगा
मेरठ में इस प्रशिक्षण केंद्र में आए म्यांमार के पुलिस अधिकारियों को भीड़ मनोविज्ञान, पुलिस-पब्लिक व्यवहार, सांप्रदायिक प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय केस स्टडी, फायर फाइटिंग, लेस लीथल वेपन व विशेष उपकरणों से परिचय, दंगा विरोधी ड्रिल, यूएन कोड ऑफ कंडक्ट, मानवाधिकार व कस्टोडियल वायलेंस व अन्य महत्वपूर्ण विषयों में ट्रेनिंग शुरू की गई है। ऐसे देश भी यहां से ट्रेनिंग लेंगे जो भीड़ हिंसा के साथ गृह युद्ध से भी परेशान हैं।
इन पर भी चर्चा की
आईजी आरएएफ अरुण कुमार ने म्यांमार के अधिकारियों के साथ दोनों देशों के सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक, राजनैतिक व कूटनीतिक संबंधों के विषय में चर्चा की। इस दौरान संदीप गोकेल, डीआईजी आरएएफ, शैलेंद्र कुमार, कमांडेंट 108 वाहिनी आरएएफ, एरिक जोस कमांडेंट 97 वी वाहिनी आरएएफ, केएम बुनकर द्वितीय कमान अधिकारी, उप कमांडेंट शिल्पा कुमार, असिस्टेंट कमांडेंट गौरव कुमार, सोनिया, कौशल चौधरी मौजूद रहे।
मेरठ के लिए गर्व की बात:
आरएएफ के आईजी अरुण कुमार ने कहा कि मेरठ की अलग पहचान है। क्रांतिधरा में स्थापित इस प्रशिक्षण केंद्र से देश ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान स्थापित करेगा। जहां सभी राज्यों की पुलिस, अर्धसैनिक बल के अलावा दूसरे देशों के अधिकारियों को भी दंगा नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन एवं लोक व्यवस्था के क्षेत्र में प्रशिक्षण देगा। म्यांमार पुलिस के अधिकारियों के अलावा जल्द ही यहां जिंबाब्वे और अन्य देशों के अधिकारी भी ट्रेनिंग लेंगे। इस अकादमी को लोक व्यवस्था प्रबंधन की क्षमताओं को बढ़ाने तथा प्रशिक्षण, शोध एवं विकास कार्यों हेतु एक उत्कृष्ट केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।