अमर उजाला और सव्य ज्वैल्स की प्रस्तुति मां तुझे प्रणाम अभियान में रविवार को भैसाली मैदान में सुमेरु संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भक्ति और देश भक्ति गीतों पर शहरवासी झूम उठे। भारत मां के जयकारों से कार्यक्रम स्थल गूंज उठा। सभी ने मिलकर राष्ट्रगान गाया तो वंदेमातरम की धुन पर सभी रोमांचित हो उठे।
कार्यक्रम का शुभारंभ एसएसपी डॉ. मंजिल सैनी दहल, दयाल फर्टिलाइजर के चेयरमैन अभय गुप्ता, एसपी सिटी मानसिंह चौहान, सव्य ज्वैल्स से अमित गुप्ता, अध्ययन स्कूल के चेयरमैन राम विलास, महावीर इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य नरेश कुशवाहा ने किया। आर्ट ऑफ लिविंग के अंतरराष्ट्रीय शिक्षक एवं श्री श्री रवि शंकर जी के शिष्य ऋषि नित्य प्रज्ञा जी ने कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना, ‘गुरु चरणम् सदा जय हो’ से की। उसके उपरांत उन्होंने मधुर सुर में राष्ट्रगान गाया और वंदेमातरम की प्रस्तुति दी। ऋषि जी ने देश भक्ति गीत ‘भारत हमको जान से प्यारा है’ गाया तो सभी श्रोता खड़े होकर ताली बजाने को मजबूर हो गए। उन्होंने ‘कृष्ण गोविंद-गोविंद गोपाला, मुरली मनोहर नंदलाला’ भजन प्रस्तुत करके श्रोताओं को श्री कृष्ण भक्ति में लीन होने को मजबूर कर दिया। जैसे ही उन्होंने डम डम डमरू की तान छेड़ी तो दर्शकों के पांव स्वत: ही थिरकने लगे। नृत्य का यह सिलसिला एक बार जो शुरू हुआ तो काफी देर तक चला। इस मौके पर आर्ट ऑफ लिविंग से डॉ. शिवकांत, निकुंज, डॉ. सपना, मनीष श्रीवास्तव, डॉ. प्रशांत बेंद्रे, अपेक्स के डायरेक्टर अतुल गुप्ता, विनोद अरोड़ा, रीना रोहटा मौजूद रहे। ऋषि नित्य प्रज्ञा के साथ की-बोर्ड पर प्रवीन कुमार, तबले पर विकास शर्मा और ऑक्टोपेड पर सनी रहे।
ऋषि नित्य प्रज्ञा ने दिया जीवन का संदेश
ऋषि नित्य प्रज्ञा ने लोगों से पूछा कि बताओ आप अपने जीवन में तृप्त हैं। तृप्ति के भाव को जीवन से जोड़ो, कुछ बोले तो कुछ ने चुप्पी साधी। फिर उन्होंने कहा कि बाहर की दुनिया व्यक्ति और वस्तु से बनी है। अंदर की दुनिया चित्त और भाव से बनी है। अपने मन की पवित्रता की जिम्मेदारी आप स्वयं लो, किसी पर डालो नहीं। ऋषि जी के इस संदेश को सुनकर सभी श्रोता गदगद हो गए। इस अवसर पर संजना रस्तोगी, परिमल रस्तोगी, मंजू जैन, मीनाक्षी कौशल, ममता सेठी, पवन मित्तल, पद्मसेन मित्तल, कालका स्कूल के प्राचार्य डॉ. कर्मेंद्र सिंह, मदर हुड से दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।