चंद्रलोक पार्क में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन किया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। चंद्रलोक पार्क में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथा व्यास आचार्य जनार्दन तिवारी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं और कंस वध तक की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान का नाम और भक्ति ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। मुख्य यजमान जयभगवान मित्तल रहे।
कथा व्यास ने वसुदेव-देवकी, कंस के अत्याचार और भगवान श्रीकृष्ण के गोकुल पहुंचने की कथा सुनाई। नंद बाबा के घर भगवान के आगमन, माता यशोदा के वात्सल्य और गोकुल में मनाए गए आनंदोत्सव का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इसके बाद माखन चोरी, बाल सखाओं के साथ क्रीड़ा, पूतना वध, शकटासुर और तृणावर्त जैसे असुरों के उद्धार तथा भगवान की अन्य बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। कथा क्रम में भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा पहुंचने और कंस वध तक की कथा भी सुनाई गई।
आचार्य जनार्दन तिवारी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं में जीवन के गहरे आध्यात्मिक संदेश छिपे हैं। मनुष्य को अहंकार त्यागकर प्रेम, सरलता, सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए। सच्ची श्रद्धा और प्रेम वाले हृदय में भय, अहंकार और नकारात्मक भावनाएं टिक नहीं सकतीं। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी सचिन कुमार गुप्ता, राजेंद्र उपाध्याय, देव गुप्ता, अरविंद गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, प्रीति गर्ग, विभा तिवारी, कंचन रहीं।