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मुस्लिम परिवार के घर्म परिवर्तन मामले में महापंचायत का ऐलान, जानें, हिंदू धर्म अपनाने के पीछे राज

Thu, 04 Oct 2018 08:55 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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हिंदू धर्म अपनाने के बाद मुस्लिम परिवार के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मुस्लिम परिवार के 13 लोगों द्वारा हिंदू धर्म अपनाने के मामले में महापंचायत का ऐलान किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि मृतक युवक के परिजन धर्म परिवर्तन का ड्रामा कर रहे हैं। जानिए आखिर क्या है हिंदू धर्म अपनाने के पीछे का राज:-

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गांव में पंचायत हुई - फोटो : अमर उजाला
खुब्बीपुर निवाड़ा गांव में गुल हसन की मौत के मामले में चार युवकों को झूठा फंसाने के विरोध में ग्रामीणों की पंचायत हुई। वक्ताओं ने कहा कि मृतक युवक के परिजन रुपये ऐंठने के लिए धर्म परिवर्तन का ड्रामा कर रहे हैं। उसकी मौत घर में हुई है। उन्होंने कहा युवा हिंदू वाहिनी भारत के पदाधिकारियों ने प्रलोभन देकर परिवार का जबरन धर्म परिवर्तन कराया है। यदि निर्दोष युवकों को फंसाया तो आंदोलन किया जाएगा और जल्द ही समाज की महापंचायत होगी।  

वक्ताओं ने कहा कि फरवरी माह में बदरखा गांव से अख्तर अली अपने परिवार के साथ खुब्बीपुर निवाड़ा गांव में आकर रहने लगा था। उसके बेटे गुल हसन का दो साल पहले बिनौली थाना क्षेत्र के गांव की युवती से निकाह हुआ। युवती के नाबालिग होने के कारण परिजनों ने उसे ससुराल नहीं भेजा। गुल हसन ज्यादातर ससुराल में पत्नी से मिलने जाता था। मरने से तीन-चार दिन पहले ससुराल वालों ने उसे धमकाकर भगा दिया था। परिजनों ने भी गुल हसन की पिटाई की। इसी को लेकर युवक परेशान था। उसने मरने से एक दिन पहले अपनी पत्नी को फोन किया। इस कारण आत्महत्या की। परिजनों ने किसी के बहकावे में आकर गांव के ही साबिर, कल्लू, दिलशाद और लालू के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। जबकि चारों युवक निर्दोष है। मृतक का पिता ही मौत के रहस्य से पर्दा उठा सकता है। 

उन्होंने पुलिस-प्रशासन से मांग की कि मामले की सही जांच की जाए। युवक के मोबाइल फोन से कॉल डिटेल निकाल कर सच सबके सामने लाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार मुस्लिम समाज के लिए अच्छा काम कर रही हैं। पुलिस कार्रवाई से उनका समाज संतुष्ट है। निर्णय लिया कि यदि मृतक के परिजनों के दबाव में आकर पुलिस ने निर्दोष युवकों को फंसाने का काम किया तो आंदोलन शुरू होगा। इसकी अध्यक्षता डॉ. इकबाल ने की। संचालन मोहम्मद अली ने किया। इसमें रिफाकत प्रधान, हाजी याकूब, हुकुम सिंह कश्यप प्रधान, चौधरी अली हसन, हाजी निसार, हाजी बाबर, हाजी इंतजार, शहजाद, सरवर प्रधान, डॉ. सुभान उपस्थित रहे।
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आरोपी बोला, मामा ने कहा था धर्म परिवर्तन का नाटक करना है 
मृतक युवक गुल हसन की मौत के मामले में परिजनों द्वारा आरोपी बनाए गए खुब्बीपुर निवाड़ा गांव निवासी साबिर ने लोगों को बताया कि गुल हसन उसके सगे मामा का बेटा था। वह उसे भाई की तरह मानता था। उससे कोई विवाद भी नहीं हुआ। उस पर गलत आरोप लगाया। उसके मामा अख्तर अली ने गुल हसन की मौत के बाद बताया था कि धर्म परिवर्तन का नाटक करना है। उन्हें 8-10 लाख रुपये मिल जाएंगे। इससे वे अपना व्यापार शुरू करेंगे।  

यह था मामला 
खुब्बीपुर निवाड़ा गांव में 22 जुलाई को गुल हसन पुत्र अख्तर अली की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव घर के सामने दुकान में फांसी पर लटका मिला।  परिजनों ने कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। बाद में परिजनों ने कोर्ट के आदेश पर कोतवाली में साबिर, कल्लू, दिलशाद, लालू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। मृतक युवक के परिवार के 13 लोगों ने बदरखा गांव के प्राचीन शिव मंदिर में मंगलवार को हिंदू धर्म अपना लिया।  

पुलिस ने तेज की मामले की जांच 
मृतक युवक गुल हसन के परिजनों द्वारा धर्म परिवर्तन करने के बाद पुलिस अफसर हरकत में आए। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी। पुलिस ने खुब्बीपुर निवाड़ा गांव में पूरे दिन डेरा डाले रखा। 50 से अधिक ग्रामीणों के बयान दर्ज किए। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि पुलिस मामले में सही जांच कर रही है। परिजनों के दबाव में किसी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा।

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