फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: पांच लाख तक घट सकती है 1525 फ्लैटों की कीमत, किसानों के साथ विवाद का पड़ा असर

Sat, 29 Oct 2022 02:12 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन के 1525 फ्लैटों की कीमत 10 फीसदी तक कम हो सकती है। आवास विकास इसके लिए लखनऊ में होने जा रही बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखेगा। किसान बढ़े हुए प्रतिकर और मुआवजे के बदले प्लॉट की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ के जागृति विहार एक्सटेंशन के 1525 फ्लैटों की कीमत 10 फीसदी तक कम हो सकती है। आवास विकास इसके लिए लखनऊ में होने जा रही बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखेगा। मंजूरी मिली तो 100 वर्ग मीटर के जिस फ्लैट की कीमत 50 लाख रुपये है वह पांच लाख रुपये सस्ता हो सकता है।

विज्ञापन


आवास विकास की ओर से वर्ष 2009 में जागृति विहार एक्सटेंशन योजना शुरू की गई थी। यहां वर्ष 2012 से वर्ष 2016 के बीच करीब 2300 फ्लैटों का निर्माण कराया गया। इनमें 32, 57, 64, 100 और 127 वर्ग मीटर के फ्लैट हैं। अभी भी 1525 फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध हैं। करीब दो साल पूर्व भी आवास विकास की ओर से दस फीसदी रेट भी कम किए गए थे। अब इन फ्लैटों को बेचने के लिए फिर दस फीसदी कीमत कम करने की तैयारी है।

किसानों के साथ विवाद का भी पड़ा असर
जागृति विहार एक्सटेंशन के लिए काजीपुर, सरायकाजी समेत कई गांवों के किसानों की जमीन ली गई है। किसान बढ़े हुए प्रतिकर और मुआवजे के बदले प्लॉट की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। आवास विकास ने कुछ किसानों को प्लॉट आवंटित कर दिए हैं पर किसान संतुष्ट नहीं हैं। कुछ आवंटी विवादों की वजह से फ्लैट सरेंडर कर चुके हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें : मेरठ: गो-तस्कर अकबर बंजारा की 54 बीघा भूमि कुर्क, पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप
विज्ञापन


यह है फ्लैटों की स्थिति
क्षेत्रफल कुल फ्लैट आवंटित वर्तमान कीमत छूट के बाद

32 वर्गमीटर 1216 435 12.5 लाख 11.25 लाख
57 वर्गमीटर 432 87 24 लाख 21.60 लाख
64 वर्गमीटर 576 236 29 लाख 26.10 लाख
100 वर्गमीटर 40 - 52 लाख 46.80 लाख
127 वर्गमीटर 40 - 58 लाख 52.20 लाख
( नोट: फ्लैटों की कीमत अनुमानित हैं)
 
फ्लैटों की कीमत को लेकर मुख्यालय से ही निर्णय होता है। बोर्ड बैठक में ही प्रस्ताव रखा जाना है। वहां से फाइनल होने के बाद कुछ कहा जा सकता है। -राजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता, आवास विकास परिषद, मेरठ

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें