इस बार सभी खेलों में बढ़ सकती है खिलाड़ियों की संख्या
एथलेटिक्स के बच्चों को पहुंचेगा अधिक लाभ, बढ़ेगी संख्या भी
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। उत्तर प्रदेश के प्रमुख खेल केंद्रों में से एक कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में नए सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया आगामी 6 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। खेल विभाग को उम्मीद है कि इस बार खिलाड़ियों की संख्या बीते वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ देगी। विशेष रूप से स्टेडियम में नवनिर्मित सिंथेटिक ट्रैक एथलीटों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगा, जिससे पंजीकरण में भारी उछाल आने की संभावना है।
स्टेडियम प्रशासन ने नए सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से कर दी है लेकिन विधिवत पंजीकरण 6 अप्रैल से प्रारंभ होंगे। इसके लिए क्षेत्रीय खेल कार्यालय ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं।इच्छुक खिलाड़ियों की सुविधा के लिए एक विशेष हेल्प डेस्क बनाई गई है जहां से पंजीकरण संबंधी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। पंजीकरण के समय खिलाड़ी को दो पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड की फोटोकॉपी लाना अनिवार्य है। 18 वर्ष से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए वार्षिक शुल्क मात्र 225 रुपये निर्धारित है। यह शुल्क जमा करने के बाद खिलाड़ी एक वर्ष तक प्रशिक्षण ले सकते हैं।
सिंथेटिक ट्रैक से एथलेटिक्स को मिलेगी नई ऊंचाई
इस बार सबसे अधिक लाभ एथलेटिक्स के बच्चों को मिलने वाला है। वर्तमान में अधिकांश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं सिंथेटिक ट्रैक पर आयोजित होती हैं। पहले मेरठ के खिलाड़ियों को इस सुविधा के अभाव में दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध होने से खिलाड़ियों की संख्या दोगुनी होने की उम्मीद है।
प्रशिक्षण की व्यापक सुविधाएं और कोच की उपलब्धता
कैलाश प्रकाश स्टेडियम में क्रिकेट, एथलेटिक्स, बास्केटबाल, वालीबाल, हैंडबाल, हॉकी, बॉक्सिंग, बैडमिंटन, टेबिल टेनिस, फुटबाल, कुश्ती, शूटिंग और तीरंदाजी का प्रशिक्षण दिया जाता है। पिछले सत्र में कबड्डी, बॉक्सिंग और तीरंदाजी जैसे खेलों में कोच की कमी थी लेकिन इस बार अधिकांश खेलों में कोच की तैनाती कर दी गई है। जहां स्थायी कोच नहीं हैं वहां वैकल्पिक व्यवस्था की गई है ताकि प्रशिक्षण बाधित न हो।
गत सत्र (2025-26) के आंकड़े
सत्र 2025-26 की बात करें तो यहां सभी खेलों में लगभग 1200 खिलाड़ी 18 वर्ष से कम उम्र के प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसके अलावा जो 200 से अधिक खिलाड़ी शौकिया तौर पर यहां तैयारी करने आते हैं। 1200 में से सबसे अधिक 206 खिलाड़ी एथलेटिक्स के हैं। 30 खिलाड़ी खेलो इंडिया का सेंटर होने नाते भी यहां प्रशिक्षण ले रहे हैं। क्षेत्रीय खेल कार्यालय का मानना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी खेलों में प्रशिक्षकों की मौजूदगी इस बार मेरठ के खेल कौशल को नए स्तर पर ले जाएगी।