रेड लाइट एरिया में पिछले दिनों दी गई दबिश के दौरान वहां से बरामद दो युवतियों में एचआईवी पॉजिटिव मिला है। ऐसे में युवतियों के संपर्क में आए लोगों के भी एचआईवी पॉजिटिव होने का खतरा है। दोनोें युवतियों की काउंसिलिंग और उपचार शुरू कर दिया गया है। अन्य 11 युवतियों को परिजनों के सपुर्द कर दिया गया है।
पिछले दिनों दिल्ली के एनजीओ की शिकायत पर मेरठ पुलिस और एएचटीयू (एंटी हयूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की टीम ने शहर के रेड लाइट एरिया में एक कोठे पर दबिश दी थी। इस दौरान वहां से 13 युवतियों को बरामद किया गया। ये युवतियां बंगलुरू, कोलकता, राजस्थान और नेपाल की थीं। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश कर नारी निकेतन भेज दिया था। कोठा संचालिका, उसके एक सहयोगी और सात ग्राहकों का पुलिस ने चालान कर दिया था।
एएचटीयू प्रभारी रश्मि चौधरी ने बताया कि सभी युवतियों से उनके पते लेकर पुलिस वहां पहुंची। सूचना पर 13 में से 11 के परिजन यहां पहुंचे। पूरी छानबीन और एड्रेस वेरीफिकेशन कराया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद युवतियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उन्होंने बताया कि दो युवतियों की प्राथमिक मेडिकल जांच में एचआईवी पॉजिटिव होने की बात सामने आई है। इसके लिए अन्य जांच, काउंसिलिंग और उपचार सरकारी स्तर पर होगा। आशंका जताई जा रही है कि इनके संपर्क में आए लोगों में भी यह वायरस पहुंचा होगा।