खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग (एफडीए) के कमिश्नर मुरली मनोहर लाल ने प्रदेश के सभी जिलों से रेडबुल एनर्जी ड्रिंक के खिलाफ चल रही कार्रवाई का फीडबैक मांगा है। अभी तक भरे गए सैंपलों की जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उधर, एफडीए मेरठ को रेडबुल इंडिया लिमिटेड मुंबई के खिलाफ वाद दाखिल करने की परमिशन दे दी गई है।
रेडबुल में कैफीन की मात्रा अधिक पाये जाने के बाद से एफडीए ने रेडबुल पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसके तहत पूरे प्रदेश में रेडबुल के लिए गए सैंपलों की जांच करायी जा रही है। रेडबुल के खिलाफ वाद दाखिल करने की अनुमति मिलने से साफ हो गया है कि एफडीए अब छापामारी के साथ ही कानूनी कार्यवाही भी पुख्ता कर लेना चाहता है।
कंपनी की टीम मेरठ पहुंची
बृहस्पतिवार को रेडबुल की टीम मुंबई से मेरठ पहुंची है। टीम के अधिकारियों ने एफडीए के अधिकारियों से वार्ता की। सूत्रों का कहना है कि रेडबुल की टीम कोशिशों में है कि किसी भी तरह से सारे मामले को मैनेज किया जा सके। क्योंकि अब कानूनी कार्यवाही मेरठ के स्तर से होनी है। जिसके चलते टीम ने मेरठ में डेरा डाला है।
9412062057 पर दें सूचना
रेडबुल एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। बृहस्पतिवार को शहर में कुछ स्थानों पर रेडबुल का स्टॉक व बिक्री होने की शिकायत पर एफडीए के अभिहित अधिकारी वीके वर्मा के नेतृत्व में कई जगह छापामारी की गई। एफडीए की तरफ से मोबाइल नंबर 9412062057 जारी किया गया है। अफसरों ने कहा है कि अगर कहीं पर रेडबुल की बिक्री जिले के अंदर हो रही है या स्टॉक के बारे में कोई सूचना है तो उसकी जानकारी इस नंबर पर दे सकते हैं।