तीन बार टल चुकी है 2022 में जारी हुए टीजीटी-पीजीटी विज्ञापन की लिखित परीक्षाएं
अभ्यार्थियों ने जल्द परीक्षा कराने की मांग उठाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। प्रदेश में राजकीय स्कूलों में टीजीटी की भर्ती के लिए दिसंबर में लिखित परीक्षा का कार्यक्रम जारी हो चुका है, लेकिन एडेड स्कूलों में अभी भी शिक्षकों की भर्ती परीक्षा की प्रतीक्षा की जा रही है। 2022 में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) व परास्नातक (पीजीटी) के पदों के लिए आवेदन करने वाले 13.19 लाख अभ्यर्थियों की प्रतीक्षा समाप्त नहीं हो पा रही है। एडेड स्कूलों के शिक्षकों और भर्ती परीक्षा की तैयारी करने वालों ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से शीघ्र भर्ती परीक्षा कराने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड ने 2022 में टीजीटी के 3539 और पीजीटी के 624 पदों के लिए भर्ती निकाली थी। इसके लिए प्रदेश भर से 13.19 लाख अभ्यर्थियाें ने आवेदन पत्र जमा किए। इसके बाद अगस्त 2023 में माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को भंग कर दिया और उसके स्थान पर उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन हुआ। यह आयोग अपने गठन के ढाई साल बाद भी कोई भर्ती परीक्षा नहीं करा सका। अब तक तीन बार लिखित परीक्षा स्थगित हो चुकी है।
इस समय आयोग का कोई अध्यक्ष नहीं है, इस कारण दिसंबर में घोषित की गई परीक्षाओं की तिथि स्थगित हो गई। इससे लाखों अभ्यर्थियों को झटका लगा है। शिक्षकों के खाली पदों का अधियाचन मांगने के बाद भी कोई भर्ती विज्ञापन अभी तक जारी नहीं हुआ। माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के महानगर उपाध्यक्ष राजेश त्यागी खंदरावली ने कहा कि चयन आयोग निर्धारित समय सीमा के अंदर भर्ती परीक्षाओं को पूरा करे। इसके लिए भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी किया जाना चाहिए। इस कैलेंडर के आधार पर ही विज्ञापन से लेकर लिखित परीक्षा और साक्षात्कार आयोजित किए जाएं। पद खाली रहने से एडेड स्कूलों में शिक्षकों पर बोझ बढ़ रहा है और छात्रों को नुकसान हो रहा है।
माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिला मंत्री डॉ. राजेश शर्मा का कहना है कि साढ़े तीन वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी भर्ती परीक्षा नहीं होने से अभ्यर्थियों में निराशा है। खाली पद नहीं भरे जाने से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रदेश सरकार को इस ओर शीघ्र ध्यान देना चाहिए।
भर्ती परीक्षा की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी डॉ. राहुल कुमार और डॉ. लोकेश बर्क का कहना है कि इतने लंबे समय से भर्ती परीक्षा की तिथि की प्रतीक्षा की जा रही है। तीन बार परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों में गहरी निराशा है। अब वे अन्य राज्यों में शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटे हैं।