‘घरौंदे’ का सपना संजोने वालों के लिए इस समय पूरा बाजार करवट बदल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ 18 लाख रुपये सालाना तक की आय वालों को भी देने की तैयारी हो रही है। वहीं निजी डेवलपर भी इस तरफ अपनी योजनाओं को ले जा रहे हैं। छोटे मकानों का नया सेगमेंट नए रूप में डेवलप होने की उम्मीद ठंडे पड़े रियल एस्टेट कारोबार में ऊर्जा भरने का काम करेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना
इस योजना के तहत केंद्र सरकार सभी लोगों को उनके अपने घर वर्ष 2022 तक देने की बात कह रही है। लोगों को आवास की कीमत चुकानी होगी, लेकिन उस पर लिए गए लोन की ब्याज दर में छूट मिलेगी। इस योजना के तहत अब होम लोन पर 6 लाख रुपये की बजाय 18 लाख रुपये तक की सालाना आय वाले भी आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने आय के आधार पर सब्सिडी की अलग-अलग दर तय की है।
रकम बढ़ी तो बढ़ गई सीमा
जैसे ही सरकार ने इस योजना में सालाना आय की लिमिट बढ़ाई, वैसे ही लोन की अवधि भी बढ़ गई है। अगर आपकी सालाना आय 18 लाख रुपये है, तो आपको इस योजना में 20 साल के होम लोन पर 2.4 लाख रुपये का लाभ मिल सकता है। सरकार इस ब्याज पर सब्सिडी देगी, जिससे मिलने वाली छूट का लाभ बढ़ जाएगा। साथ ही सरकार ने होम लोन पर मिलने वाले कर्ज को चुकाने का समय भी 5 साल और बढ़ा दिया है। पहले ये अवधि 15 साल थी, जिसे अब 20 साल कर दिया है।
छूट का गणित
इस लोन पर मिलने वाली ब्याज पर छूट का गणित कुछ यूं है। यदि आपकी वार्षिक आय 18 लाख रुपये है तो आपको 12 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। इस लोन पर सरकार आपको ब्याज दर पर 3 फीसदी की सब्सिडी देगी। इससे प्रतिमाह आपको 2200 रुपये की बचत होगी, जिससे 20 वर्ष में कुल 2 लाख 44 हजार 468 रुपये लाभ मिलेगा। इसी तरह 12 लाख प्रतिवर्ष की आय वाले लोगों को 9 लाख रुपये तक लोन मिलेगा, जिसमें ब्याज दर पर 4 फीसदी की सब्सिडी मिलेगी। इसमें ईएमआई पर 2158 रुपये की बचत होगी, जो कि 20 वर्ष की अवधि में 2 लाख 39 हजार 843 रुपये तक होगी। वहीं 6 लाख रुपये की वार्षिक आय वालों को 6 लाख रुपये तक का होम लोन मिल सकता है और ब्याज दर पर सरकार की तरफ से 6.5 फीसदी की सब्सिडी मिलती है। जिससे मासिक किश्त में 2219 रुपये की बचत होती है। यह बचत 20 वर्ष की अवधि में 2 लाख 46 हजार 625 रुपये तक होती है।
सिर्फ मूलधन के ब्याज पर ही छूट
यह बात समझनी जरूरी है कि केवल मूलधन के ब्याज पर ही सब्सिडी मिलेगी। मसलन, यदि आपकी सालाना 6 लाख रुपये तक है और आपने 20 वर्ष के लिए 20 लाख रुपये तक का होम लोन ले लिया तो आपको सिर्फ 6 लाख रुपये के मूलधन पर लगने वाले ब्याज की राशि पर ही सब्सिडी मिलेगी। और ये छूट भी सिर्फ 2.5 फीसदी की ही होगी। बाकी 14 लाख रुपये पर होम लोन की जो भी प्रचलित दर बैंक द्वारा तय की गई है, वही लागू होगी। इस योजना में शर्त यह भी है कि यह लाभ आपको तभी मिलेगा, जब आप पहली बार घर खरीदने जा रहे हों।
प्राइवेट बिल्डरों की नजर
ठंडे पडे़ निजी डेवलपर ने भी इस तरफ निगाह लगाई है। दरअसल रियल एस्टेट सेक्टर को इस बजट में बड़ा बूस्टर मिला है। अफोर्डेबल हाउसिंग को इंफ्रा सेक्टर का दर्जा दे दिया गया है। यानी अब रियल एस्टेट सेक्टर को फंड, प्रोजेक्ट लोन आसानी से मिल सकेगा। अफोर्डेबल हाउसिंग या लो कॉस्ट हाउसिंग के लिए क्राइटेरिया भी बदला गया है।
कारपेट एरिया पर नहीं होगी धोखाधड़ी
30 और 60 वर्ग मीटर बिल्ट अप एरिया को 30 और 60 मीटर कारपेट एरिया माना जाएगा। यानी कारपेट एरिया के नाम पर धोखाधड़ी नहीं होगी। लांग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स को 3 साल से घटाकर 2 साल कर दिया गया है। यानी अब आप किसी प्रॉपर्टी में निवेश 3 साल की बजाय 2 साल रखेंगे, तो आप को टैक्स नहीं देना होगा। इस सबका असर रियल एस्टेट पर पड़ता दिख रहा है। यही कारण है कि शहर तथा आसपास के इस कारपेट एरिया के आवासों को अफोर्डेबल हाउस में शामिल किया गया है। आवास विकास और एमडीए भी इन योजनाओं पर काम कर रहा है।
यह हैं एमडीए के इस योजना के आवास
सभी का कारपेट एरिया लगभग 60 वर्ग मीटर
संख्या स्थान कीमत
480 आवास एयरपोर्ट एन्क्लेव - 19 से 23 लाख
570 मल्टी स्टोरी शताब्दीनगर - 15 से 22 लाख
305 लोहियानगर पांच मंजिले - 17 से 22 लाख
96 चार मंजिला रक्षापुरम रक्षाग्रीन- 26 से 28
कुल आवास 1451