मेरठ मेें रविवार रात 3:45 बजे हत्यारोपी रिजवान खून से सने कपड़ों में थाने पहुंचकर मुंशी और सिपाही से बोला कि कि, मैंने अपने बड़े भाई की हत्या कर दी है। पुलिसकर्मी चौंक गए और उसे हिरासत में लेकर नाम पता पूछा और गश्त पर गई टीम को सूचना दी।
इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट कुलदीप सिंह भी अस्पताल पहुंचकर गए जहां डॉक्टरों ने फुरकान को मृत घोषित कर दिया था। सीओ कोतवाली ने बताया कि रिजवान तमंचा कहां से लाया था, इसकी जांच चल रही है। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में फुरकान को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया।
पुलिस के मुताबिक इदरीश के छह पुत्रों में फुरकान तीसरे नंबर के थे। फुरकान व उसके दो छोटे भाई रिजवान, गुफरान एक मकान में रहते थे, जबकि अन्य तीन भाई चांद, इमरान, सलमान दूसरे मकान में रहते हैं। फुरकान दोनों छोटे भाइयों के साथ कपड़े का काम करते है। घर में कपड़े की छपाई करने का काम करते है।
रिजवान बोला- जो सामने आएगा उसे ही मार दूंगा
पुलिस ने बताया कि गोली लगने के बाद लहूलुहान फुरकान जमीन पर गिर गए। रिजवान ने धमकी दी कि अगर उसके सामने कोई आएगा तो गोली मार देगा। घायल फुरकान को गुफरान और मोहल्ले के लोग हापुड़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में ले गए थे, जहां पर डॉक्टरों ने उसको मृतक घोषित कर दिया।
वहीं, आरोपी रिजवान ने लिसाड़ीगेट थाने में पहुंचकर सरेंडर कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर नमूने भरवाए। सीओ कोतवाली अरविंद चौरसिया का कहना कि हत्यारोपी भाई गिरफ्तार कर लिया है।
गुफरान की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। फुरकान, रिजवान, गुफरान के बीच करीब एक महीने से विवाद चल रहा था। रिजवान शराब पीकर हंगामा करता था, जिसका दोनों भाई विरोध करते थे।