खाते से निकासी लिमिट खत्म होेते ही बैंकों से कैश निकालने की होड़ मच गई है। कई लोग तो 30 से 50 हजार तक निकालने पहुंच गए। इन्हें देख बैंक अफसरों के पसीने छूटने लगे। कैश शार्ट था। वे उन्हें पूरा कैश देने की स्थिति में नहीं थे, जबकि यह लोग आरबीआई का आदेश बताकर पूरा कैश लेने पर अड़े रहे। कई बैंकों में इसे लेकर गरमागरमी हो गई। आरबीआई के इस आदेश से बैंक अफसर मुश्किल में हैं।
नोट बंदी के बाद लोगों ने बड़ी संख्या में 1000-500 के नोट अपने बैंक खातों में जमा कराए। जिले में पांच हजार करोड़ से अधिक धनराशि बैंक खातों में जमा होने का अनुमान है। लेकिन इसके मुकाबले 20 प्रतिशत धनराशि भी अभी तक नहीं निकली है। सरकार ने पहले प्रति सप्ताह 10 हजार और बाद में 24 हजार रुपये की निकासी लिमिट तय की थी। लेकिन आरबीआई से पर्याप्त कैश ना मिलने की वजह से यह रकम भी लोगों को नही मिल पा रही थी।
सोमवार को आरबीआई ने कैश निकासी लिमिट खत्म कर दी। जिसका असर मंगलवार से ही बैंकों पर शुरू हो गया। बैंकों में मोटा कैश निकालने वालों की लाइन लग गई। सेविंग खाते वाले भी 30 हजार रुपये तक मांग रहे थे। जबकि करंट एकाउंट वाले व्यापारियों की 50 हजार की डिमांड थी। शाखा प्रबंधक कैश शॉर्ट बताकर इतनी रकम देने में असमर्थता जताने लगे तो लोगों ने आरबीआई के आदेशों का हवाला देना शुरू कर दिया। काफी हंगामे के बाद सेविंग वालों को पांच से 10 हजार और करंट खाते वालों को 20 से 30 हजार रुपये तक ही दिए जा सके। ब्रह्मपुरी निवासी दीपक ने बताया कि वह दिल्ली रोड स्थित एसबीआई ब्रांच से अपने बचत खाते से 30 हजार लेने गए थे। लेकि न नहीं मिले। दूसरी ब्रांच भी पांच से 10 हजार ही दे पा रही है।
शादी वाले परिवारों का बढ़ा दबाव
कैश निकासी सीमा खत्म होने की वजह से बैंकों में शादी विवाह वाले परिवारों का दबाव बढ़ गया है। जिन लोगों को पहले ढाई लाख रुपये नहंी मिले वे लोग भी मंगलवार को अपने सेविंग एकाउंट से ढाई लाख रुपये निकालने पहुंचे। अन्य लोग भी रिश्तेदारी में शादी या बीमारी बताकर सेविंग एकाउंट से 30 से 40 हजार रुपये निकालना चाहते हैं। ऐसे कई मामले बैंकों में आए। लेकिन कैश शार्ट होने की वजह से उनकी डिमांड के अनुसार कैश देना संभव नहीं हुआ।
कैश मिले तो पूरा देंगे
कोई बैंक अपने ग्राहक को परेशान नहीं करना चाहता। हमें ग्राहक को उसकी डिमांड के अनुसार कैश देने में कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन यह तभी संभव है जब उनके पास पर्याप्त कैश उपलब्ध हो। फिलहाल कैश शार्ट है। उन्हें भी 70-80 लाख प्रतिदिन की डिमांड के अनुसार औसतन 15-20 लाख ही मिल रहा है।- पीके भट्ट डीजीएम कैंट ब्रांच इलाहाबाद बैंक
फिर कोई दिक्कत नहीं
कैश निकासी लिमिट खत्म होने के बाद लोगों की कैश डिमांड बढ़ना स्वाभाविक है। मंगलवार को जरूरतमंद सीनियर सिटीजन और महिलाओं को बचत खाते से 24 हजार भी दिए गए। करंट एकाउंट वालों को 50 हजार की बजाय 30 हजार ही देेने संभव हुए। कैश उपलब्ध हो तो कोई दिक्कत ही नहीं।- पीएन पनोठिया, प्रबंधक यूनियन बैंक दिल्ली रोड