हस्तिनापुर। कस्बे में जैन पावन तीर्थ क्षेत्र के श्री दिगंबर जैन प्राचीन बड़ा मंदिर के भव्य त्रिमूर्ति जिनालय में विराजमान भगवान शांतिनाथ की जिन प्रतिमा के सम्मुख चल रहे 40 दिवसीय शांतिनाथ विधान में जिनेंद्र भगवान का अभिषेक हुआ। इसके बाद भव्य रथयात्रा निकाली गई। रथयात्रा में ख्वासी बनने का सौभाग्य रजनीश जैन, महक जैन, सारथी बनने का सौभाग्य मनीष जैन, कुबेर इंद्र बनने का सौभाग्य अशोक कुमार जैन को प्राप्त हुआ।
रथयात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए बैंड बाजों के साथ पांडुकशिला पर पहुंची, जहां श्रीजी का अभिषेक किया गया। चवर ढुराने का सौभाग्य मनीष जैन व प्रदीप जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा करने का सौभाग्य पंडित शीलचंद जैन शास्त्री, राजीव कुमार जैन, निशा जैन, सागर जैन, नेहा, साहिल, आयुषी अदविक, नितारा, अथर्व जैन को प्राप्त हुआ। शांतिधारा में सहयोग सुमन जैन, सचिन जैन, सारिका जैन, परी जैन, सखी जैन, अंश जैन ने दिया। बाबा शांतिनाथ का प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य खेमचंद पवन कुमार जैन, अजय, राहुल, वत्सल, देवांश को प्राप्त हुआ। प्रथम पालना में श्रीजी को विराजमान करने का सौभाग्य सीमा जैन, विनित प्रकाश जैन को प्राप्त हुआ।
भगवान शांतिनाथ के जन्म, तप एवं मोक्ष कल्याणक के अवसर प्राचीन दिगंबर जैन मंदिर में श्रद्धालुओं ने श्री शांतिनाथ भगवान का अभिषेक किया एवं निर्वाण लाडू समर्पित किया। इसमें अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश कुमार जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मंत्री राजीव जैन, मंत्री राजीव जैन, शशांक जैन, मुकेश जैन, सुनील जैन, शशांक जैन, विजय कुमार जैन, सभी पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं का माला, मुकुट पहनाकर सम्मानित किया।
क्षेत्र पर विराजमान मुनि भाव भूषण महाराज ने कहा कि आज के दिन जैन धर्म के 16वें तीर्थंकर श्री शांतिनाथ भगवान का हस्तिनापुर नगर में जन्म एवं तप कल्याणक मनाया गया एवं सम्मेद शिखर से मोक्ष प्राप्त किया। विधान के 23वें दिन 1270 परिवारों की ओर से विधान कराया गया।
सायंकालीन महाआरती व भजन संध्या व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। इस मौके पर क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र कुमार जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन, मुकेश कुमार जैन, उमेश जैन, अतुल जैन, सुदर्शन जैन, कमल जैन आदि का सहयोग रहा।
प्राचीन दिगंबर जैन बड़े मंदिर में पूजा करते श्रद्धालु स्रोत संवाद