अफसरों के मुताबिक आरआरटीएस के भूमिगत कॉरिडोर में ट्रेनों की आवाजाही के लिए दो समानांतर टनल निर्मित की जाती हैं। यह मेरठ के तीसरे और आखिरी भूमिगत सेक्शन की पहली समानांतर टनल है।
सुदर्शन 8.2 भैसाली से बेगमपुल के बीच इस नवनिर्मित टनल की समानांतर टनल का निर्माण कर रही है और लगभग 70 प्रतिशत निर्माण पूरा कर लिया है। इस टनल का निर्माण पूरा होते ही मेरठ में टनलिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। आरआरटीएस कॉरिडोर के लिए कुल छह सुरंग का निर्माण किया जाना है।
एक किमी की सुरंग में 4500 से ज्यादा प्री-कास्ट का प्रयोग
भैसाली से बेगमपुल के बीच बनाई गई इस लगभग एक किमी लंबी सुरंग के निर्माण के लिए 4500 से अधिक प्री-कास्ट सेगमेंट का उपयोग किया गया है। टनलिंग प्रक्रिया में इन सेगमेंट को बोर की गई टनल में इंसर्ट किया जाता है और सात खंडों को जोड़कर एक रिंग का निर्माण होता है।
प्रत्येक सेगमेंट 1.5 मीटर लंबा और 275 मिमी मोटा होता है। इन सेगमेंट और रिंग को बोल्ट की मदद से जोड़ा जाता है। इन टनल सेगमेंट की कास्टिंग एनसीआरटीसी के शताब्दी नगर स्थित कास्टिंग यार्ड में, सुनिश्चित गुणवत्ता नियंत्रण के साथ की जा रही है।