विवि में बनने वाले इन पिलर को लेकर ही बैठक हुई। इसमें एनसीआरटीसी के प्रोजेक्ट हैड भी शामिल हुए। बैठक में कृषि विवि के रजिस्ट्रार डॉ. अशोक कुमार अहुलवालिया, वित्त नियंत्रक अवध नारायण यादव, डीन वेटिनरी प्रोफेसर शमशेर, डीन पीजी डॉ. एनएस राणा, डीन बायोटेक डॉ. रविंद्र कुमार, निर्माण प्रभारी जयवीर सिंह यादव, नीलेश चौहान आदि रहे।
पहले तैयार करके देंगे, फिर तोडे़ंगे
बैठक में यह भी तय हुआ कि विवि की बायो कंट्रोल लैब और पॉली गार्डन की जो भूमि रैपिड रेल के पिलर में जा रही है। उसे हटाने से पहले एनसीआरटीसी इसे तैयार करके विवि को देगा। क़ुलपति डॉ. आरके मित्तल ने बताया कि विवि को जो भी हानि होगी, उसका खर्च एनसीआरटीसीर द्वारा वहन किया जाएगा। कृषि विवि में 300 मीटर लंबाई और 200 मीटर चौड़ाई में एलिवेटिड ट्रैक बनाया जाएगा।