Meerut Medical College Case Update: इंचौली थानाक्षेत्र के एक गांव की किशोरी को मेडिकल में भर्ती कराया गया था। शौचालय में उत्तराखंड निवासी युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मेडिकल कॉलेज के न्यू आर्थो वार्ड के शौचालय में दुष्कर्म के मामले में मंगलवार को पुलिस ने पीड़िता के बयान कोर्ट में दर्ज कराए गए। पीड़िता ने अपने साथ हुई दरिंदगी कोर्ट में बयां की। सीसीटीवी फुटेज में सामने आया कि आरोपी किशोरी के साथ 5 मिनट 25 सेकंड शौचालय में रहा। पहले आरोपी शौचालय में गया, इसके बाद किशोरी अंदर पहुंची। पुलिस इस मामले में मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्य और सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
विज्ञापन
मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी का पैर कुछ टेढ़ा है। डॉक्टरों की सलाह पर परिजनों ने शुक्रवार को किशोरी को ऑपरेशन के लिए मेडिकल कॉलेज के न्यू आर्थो वार्ड में भर्ती कराया था। किशोरी के साथ उसकी मां भी वार्ड में थी। इसी वार्ड में उत्तराखंड के बाजपुर काशीपुर निवासी मोहित भी भर्ती है। सड़क हादसे में उसका पैर कटा है। उसका भाई रोहित तीमारदारी के लिए आया हुआ था।
आरोप है कि शनिवार रात करीब 11 बजे रोहित ने किशोरी के साथ शौचालय में दुष्कर्म किया। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। रविवार को किशोरी को नहलाते समय मां को शक हुआ तो उसने पूछताछ की। इस पर किशोरी ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मां की तहरीर पर रविवार रात ही आरोपी रोहित के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी, पॉक्सो एक्ट, एससीएसटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया है। कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। इस मामले में स्वास्थ्य और सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की जांच भी की जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मेडिकल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना से मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पूरे परिसर में 450 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। करीब 100 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। कंट्रोल रूम से 24 घंटे मेडिकल कॉलेज परिसर की निगरानी की जाती है। इसके बाद भी किशोरी के साथ वारदात हो गई। इसमें कहीं न कहीं मेडिकल कॉलेज के स्टाफ की लापरवाही है।
प्रिंसिपल डॉ. आरसी गुप्ता ने तीन सदस्य टीम गठित कर दी है। समिति सात दिन में जांच पूरी कर प्रिंसिपल को रिपोर्ट देगी। जांच रिपोर्ट में कौन लापरवाही का दोषी पाया जाएगा और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, यह बाद की बात है। फिलहाल मेडिकल कॉलेज प्रशासन को सुरक्षा के लिहाज से कड़े कदम उठाए जाने की जरूरत है।