दुल्हैंडी पर एक ही दिन में साढ़े तीन अरब लीटर से अधिक पानी बह गया। यदि शहर का हर व्यक्ति इसे सामान्य रूप से खर्च करता तो लगभग 15 दिन इस पानी को पूरा शहर इस्तेमाल कर सकता था। विडंबना यह है कि जहां विश्व के कई अन्य मुल्क पानी की कमी से जूझ रहे हैं तो भारत के अन्य हिस्साें के साथ-साथ मेरठ के पांच ब्लॉक डार्क जोन में हैं। बावजूद इसके हम नहीं चेते।
पानी प्रति क्रांति धरा के बाशिंदों ने इस बार भी होली के पर्व पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। जबकि केंद्र और राज्य सरकारें भविष्य में पानी की उपलब्धता को लेकर जन जागरूकता अभियान पर लाखों रुपये खर्च कर रही हैं। मेरठ में भूगर्भ जल स्तर लगातार गिर रहा है। नगर निगम के जल संसाधनों से जनता को भूगर्भ से प्रतिदिन एक अरब 22 करोड़ 56 लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। जबकि गंगा जल परियोजना से भी प्रतिदिन 43 क्यूसेक पानी दिया जाता है।
नहीं आया काम जागरूकता अभियान
होली पर पानी की बर्बादी को रोकने को कई दिन पहले से जागरूकता अभियान शुरू हो गए थे। पानी बचाने के लिए रंगों की बजाय गुलाल, फूल और चंदन के तिलक लगाकर होली खेलने का संदेश दिया जा रहा था। लेकिन दुल्हैंडी पर पानी से जमकर होली खेली गई।
एक पखवाड़े का पानी था यह
जलकर विभाग के अधिशासी अभियंता सुनील सिंघल का कहना है कि होली के त्योहार पर नगर निगम ने गंगाजल परियोजना और अपने निजी संसाधनों से 24 घंटे लगातार जलापूर्ति की। वैसे आठ घंटे रोज पानी की आपूर्ति की जाती है। महानगर की जनसंख्या करीब 18 लाख है। जिसके लिए रोजाना एक अरब 22 करोड़ लीटर पानी का दोहन होता है। इस दिन आपूर्ति भी तीन गुना हुई और हैंडपंपों से भी इस दिन ज्यादा पानी खर्च हुआ। रंग घोलकर होली खेलने में तो नहाने में कई-कई गुना पानी खर्च किया गया। नतीजा एक ही दिन में लगभग साढ़े तीन अरब लीटर पानी बहा। औसतन एक व्यक्ति सामान्य दिनों में लगभग 130 से 150 लीटर पानी खर्च करता है। यानी लगभग ढाई करोड़ लोग इस पानी को इस्तेमाल कर सकते थे। यदि मेरठ शहर की जनसंख्या 18 लाख के हिसाब से औसत निकालें तो यह पानी एक पखवाड़े तक इस्तेमाल किया जा सकता था वह भी आराम से। बिना किसी कंजूसी के।
निगम संसाधन एक संसाधन से प्रति घंटा पानी का दोहन
156 ट्यूबवेल एक लाख लीटर
570 दस एचपी सबमर्सिबल 50 हजार लीटर
3 हजार वन एचपी सबमर्सिबल पांच हजार लीटर
10 हजार हैंडपंप 200 लीटर
निजी संसाधन
75 हजार वन एचपी सबमर्सिबल
खास बातें
- एक लीटर सामान्य तौर पर खर्च करता है 130 से 150 लीटर पानी प्रतिदिन
- होली पर शहर में खर्च हुआ साढे़ तीन अरब लीटर पानी
- ढाई करोड़ लोगों के एक दिन के लिए काम आ सकता था यह पानी
- यदि सामान्य रूप से इस्तेमाल करते तो मेरठ शहर के लोगों को लिए 15 दिन आता काम