कलरयुक्त मिठाइयों की बाजार में भरमार है। हर दुकान पर आपको रंग-बिरंगी मिठाई देखने को मिल जाएंगी। यही मिठाई आपकी सेहत के लिए धीमा जहर है। यह पेट में संक्रमण के साथ त्वचा रोगों का कारण बन सकती है। तमाम सैंपलिंग के बाद भी इन पर रोक न लगने पर एफडीए ने सलाह दी है कि इस तरह की मिठाइयों का सेवन ही न करें। बता दें कि कलर युक्त मिठाई के अधिकांश सैंपल फेल हो रहे हैं।
एक साल में एफडीए ने 26 से अधिक कलर युक्त मिठाई के सैंपल भरे। इनमें से अभी तक 24 के सैंपल फेल हुए हैं। जांच रिपोर्ट में इन मिठाइयों में सेहत के लिए हानिकारक कलर पाया गया है। यही स्थिति प्रदेश भर में है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि स्थानीय स्तर पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी कलर युक्त मिठाई पर लगाम लगाने की दिशा में काम करें। वजह यह कि इन मिठाइयों में ऐसे रंगों की मिलावट की जा रही है, जिनके इस्तेमाल की परमिशन ही नहीं है।
सर्वे ने भी चेताया था विभाग को
बीते साल इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च ने सर्वे कराया गया था। जिसमें कलर मिठाइयों में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए थे। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार ऐसी मिठाइयों में निर्धारित मात्रा से कहीं ज्यादा कलर मिलाया जा रहा है। इसमें मेटानिल येलो, औरामिन, रोडामाइन और लेड क्रोमेट जैसा केमिकल शामिल है, जो सेहत के लिए हानिकारक है। अब इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एफडीए ने अपने यहां कलरयुक्त मिठाइयों की सैंपल रिपोर्ट को देखा तो उनमें भी कुछ यही हानिकारक कलर पाए गए हैं।
किस कलर केमिकल का क्या नुकसान
औरामिन - सामान्य तौर पर गहरे पीले कलर की मिठाईयों में यह कलर मिलाया जाता है। इसकी सबसे खास पहचान भी यही है। औरामिन शरीर की ग्रोथ रोकने के साथ ही लीवर व किडनी को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि इसका इस्तेमाल कुछ खास किस्म के फूड प्रोडक्ट बनाने में ही किया जाता है।
मेटानिल येलो : इस कलर का इस्तेमाल लड्डू से लेकर जलेबी, बिरयानी में किया जाता है। इसका पेट, किडनी व लीवर पर सबसे ज्यादा नुकसान होता है। जिससे पेट में इंफैक्शन के साथ ही शरीर में एलर्जी व यूरिन इंफैक्शन भी हो सकता है।
रोडामाइन : मिठाईयों व कुछ खास किस्म के खाद्य पदार्थों को आकर्षक व चमकीला बनाने के लिए इस कलर का इस्तेमाल किया जाता है। जो शरीर में रेड ब्लड सेल्स को ब्रेक करता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी कम करता चला जाता है।
लेड क्रोमेट- इस कलर का इस्तेमाल कर बनाई जानी वाली मिठाईयों में गहरा येलो कलर दिखाई देता है, जो हमारे शरीर को काफी नुकसान पहुंचाता है। फूड प्वाइजनिंग, पेट में दर्द से लेकर न्यूरोलॉजिकल समस्यायें भी इस कलर की मिठाईयों लगातार खाने से खड़ी हो जाती है।