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Ramzan 2023: साढ़े 13 घंटे का होगा पहला रोजा, सेहत का रखें ध्यान, बिल्कुल न पिएं ये पेय पदार्थ

Wed, 22 Mar 2023 11:38 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

Ramzan 2023: रमजान का मुबारक महीना शुरू होने से पहले मुस्लिम क्षेत्रों और मस्जिदों में रौनक दिखने लगी है। 22 मार्च की शाम चांद देखने के साथ रमजानुल मुबारक महीने का आगाज होने की उम्मीद है। वहीं रोजेदारों के लिए बाजार में सेवई, खजला और अन्य सामान बनाकर तैयार किया जा रहा है।
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रमजान से पहले बाजार में खरीददारी करते लोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रमजान मुबारक का महीना 23 मार्च से शुरू हो सकता है। 22 मार्च की शाम चांद देखने के साथ रमजानुल मुबारक महीने का आगाज होगा। ऐसे में शहर के मुस्लिम क्षेत्रों में रौनक शुरू हो गई है। गुदड़ी बाजार में रमजान महीने में सहरी में इस्तेमाल होने वाली सिवंई, खजला और डबल रोटी तैयार होने लगी हैं। जो मेरठ शहर के साथ आसपास के जिलों में सप्लाई होगा। 

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गुदड़ी बाजार में व्यापारी दिलशाद ने बताया रमजान शुरू होने के दस से पंद्रह दिन पहले सिवंई और अन्य सामान बनाना शुरू कर देते हैं। रमजान शुरू होने पर मांग बढ़ जाती है, जिसके लिए माल स्टॉक रखना होता है। उन्होंने बताया कि गुदड़ी बाजार के अलावा अलग-अलग क्षेत्रों में काफी मात्रा में सेवई, खजला और अन्य सामान बनाया जाता है। 

22 मार्च को देखेंगे चांद 
नायब शहरकाजी जैनुर राशिद्दीन ने बताया कि 23 मार्च से रमजान का महीना शुरू हो सकता है। अकीदतमंद 22 मार्च को रमजान का चांद देखेंगे। अगर चांद न दिखा तो गुदड़ी बाजार में चांद कमेटी की बैठक होगी। इसमें शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी सहित अन्य उलमा शामिल होंगे। वह दारुल उलूम देवबंद, दिल्ली मकरज, लखनऊ सहित अन्य बड़े इस्लामिक इदारों में संपर्क करेंगे। देश में कहीं भी चांद दिखने की पुष्टि हुई तो 23 से रमजान शुरू हो जाएंगे। चांद न दिखने की सूरत में 23 मार्च को चांद देखा जाएगा और तब 24 मार्च से रमजान होंगे।
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साढ़े 13 घंटे का होगा पहला रोजा
मुकद्दस रमजान का का पाक महीना शुुरू होने जा रहा है। मस्जिदों से लेकर घरों तक तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार रमजान का पहला रोजा करीब साढ़े 13 घंटे का होगा, जबकि आखिरी रोजा साढ़े 14 घंटे का होगा। 
खासकर दिल, गुर्दे और मधुमेह आदि के मरीजों के लिए चिकित्सक एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीके बिंद्रा की सलाह है कि माह ए रमजान के दौरान जो मरीज हैं, वे दवा लेने में लापरवाही न बरतें  और अपने चिकित्सक की सलाह से ही रोजा रखें। 

यह बरतें एहतियात
-कम तली हुई चीजें खाएं। तैलीय चीजों को खाने से प्यास ज्यादा लग सकती है।
-सहरी और इफ्तार में प्रोटीन और फाइबर वाली चीजें ज्यादा लें
-फाइबर युक्त भोजन प्यास से बचाता है और लंबे समय तक पेट भरा रहता है।

ये जानना भी जरूरी
-सहरी के दौरान कैफीन वाली चीजें लेने से बचें। चाय या कॉफी शरीर का पानी सोख लेती हैं और इससे बार-बार प्यास लग सकती है।
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