सवाल:- देहरादून निवासी जाकिर अली ने पूछा कि क्या ईद के बाद रमजान के कजा रोजों को प्रतिदिन रखना जरूरी है। इसके बारे में शरीयत का क्या हुकुम है।
जवाब:- शरीयत के अनुसार कजा रोजों का मुसलसल रखना जरूरी नहीं है, रोजेदार को इख्तियार है कि जब चाहे रोजे रखे, लेकिन शरीयत यह भी कहती है कि बेहतर है कि कजा रोजों की अदाएगी जल्द की जाए। क्योंकि, मौत का कोई भरोसा नहीं होता।
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