मेरठ। राली चौहान गांव में शिवरात्रि पर छह कांवड़ियों की मौत के मामले में चार सदस्यीय टीम ने मंगलवार सुबह डीएम को रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में विद्युत निगम की लापरवाही बताई गई। मानकों के हिसाब से हाईटेंशन की लाइन करीब एक फीट नीचे मिली है। जांच रिपोर्ट में सड़क के किनारे रखी ईंटों का भी जिक्र किया गया है। बताया गया है कि ईंट के चट्टे से बचने के चक्कर डाक कांवड का फ्रेम हाईटेंशन लाइन से टकरा गया था। इसके चलते यह हादसा हुआ।
शिवरात्रि पर 15 जुलाई को डाक कांवड़ लेकर ग्रामीण राली चौहान आ रहे थे। गांव के बाहर हाईटेंशन लाइन का करंट डाक कांवड़ में उतर गया और छह कांवड़ियों की मौत हो गई। इसके बाद ग्रामीणों ने विद्युत निगम के जेई और एसएसओ पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था। डीएम ने एडीएम प्रशासन, एसपी ट्रैफिक, विद्युत निगम के एसई और पीडब्ल्यूडी के जेई सहित चार सदस्यीय टीम गठित कर जांच रिपोर्ट मांगी थी। अब जांच रिपोर्ट में विद्युत निगम की लापरवाही उजागर हुई है।
रिपोर्ट में रैसना फीडर पर तैनात जेई और एसएसओ पर कॉल रिसीव न करने के आरोप बेबुनियाद मिले। दोनों के मोबाइल की सीडीआर में जो नंबर मिले हैं, उनके भी जांच टीम ने बयान लिए है। पहली कॉल होते ही बिजली काट दी गई थी। टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सड़क के किनारे ईंटें रखी थीं। उन्हें बचाने के चक्कर में डाक कांवड़ के फ्रेम में हाईटेंशन लाइन का करंट उतर गया। इससे हादसा हो गया। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि अभी रिपोर्ट नहीं पढ़ी है। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे।
- इस रिपोर्ट के बारे में अभी हमें कोई जानकारी नहीं है। शासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। - अनुराग अग्रवाल, मुख्य अभियंता, पीवीएनएल