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राज्यसभा चुनाव: यूपी का अकेला जनपद जहां 7 विधायक और सात सांसदों का होगा दखल

Sat, 24 Mar 2018 08:40 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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फाइल फोटो
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राज्यसभा में मेरठ की कांता कर्दम और विजयपाल तोमर की जीत से मेरठ ने एक नया इतिहास रचा है। मेरठ उत्तर प्रदेश का अकेला ऐसा जनपद बन गया है, जहां पर चार सांसदों के साथ ही तीन राज्यसभा सदस्यों का सीधे हस्तक्षेप होगा। 

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भाजपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष कांता कर्दम और किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजयपाल तोमर को राज्यसभा का प्रत्याशी बनाया था। दोनों की जीत नामांकन के साथ ही तय मानी जा रही थी। शुक्रवार को जब चुनाव परिणाम आया तो भाजपाइयों की बांछें खिल गई। इसके साथ मेरठ जनपद ने एक नया इतिहास भी रच दिया। मेरठ लोकसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है, लेकिन मेरठ की तीन विधानसभाएं ऐसी हैं जहां तीन अलग-अलग संसदीय क्षेत्र लगते हैं। इनमें बिजनौर लोकसभा में हस्तिनापुर, मुजफ्फरनगर में सरधना और बागपत में सिवालखास विधानसभा आती है। ऐसे में इन तीनों लोकसभा के सांसदों का हस्तक्षेप भी मेरठ में आयोजित होने वाले तमाम कार्यक्रमों और बैठकों में लगातार होता है। इसके साथ ही बसपा से बाबू मुनकाद अली पहले से राज्यसभा सदस्य थे, लेकिन अब कांता कर्दम और विजयपाल तोमर के राज्यसभा निर्वाचित होने के बाद सांसदों की कुल संख्या सात हो गई है। जो उत्तर प्रदेश के किसी भी जनपद में नहीं है। इनमें चार लोकसभा सांसद और दो राज्यसभा सदस्यों के साथ भाजपा का प्रतिनिधित्व छह सांसदों का है।
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