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राजनीति चमकाने के लिए दिल्ली कर रहे है कूच

Sat, 13 Oct 2018 02:09 AM IST
amarujala
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meerut - फोटो : meerut
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 सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विवि में तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान एवं उद्योग प्रदर्शनी का शुक्रवार को आगाज हुआ। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मेले का उद्घाटन किया। हालांकि उद्घाटन का समय 11 बजे था, लेकिन सहारनपुर में आयोजित किसान मोर्चा की बैठक में शामिल होने के कारण कृषि मंत्री के देर से यहां पहुंचे और शाम 4 बजे मेले का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर मेले मे मौजूद सपेरों द्वारा कृषि मंत्री का बीन बजाकर स्वागत किया गया। हालांकि देर से उद्घाटन होने के कारण मेले में कम संख्या में किसान पहुंचे। मेले में काफी अव्यवस्थाएं भी रहीं।
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 किसानों को संबोधित करते हुए सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि केन्द्र और प्रदेश की भाजपा सरकार के कार्यकाल में किसानों की समस्या का समाधान करने पर सबसे ज्यादा ध्यान जा रहा है। इससे पहले की सरकारों ने किसान हित के लिए कोई कार्य नहीं किया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने गन्ना किसानों का 16 हजार करोड़ रुपये बकाया छोड़ दिया था। भाजपा सरकार ने यह बकाया देने का काम किया है। जो थोड़ा बहुत बकाया है। वह तीस नवंबर से पहले किसानों के खाते में पहुंच जाएगा। इसके लिए सरकार ने 5500 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। कृषि मंत्री ने कहा कि पहले हम दालो का बड़ी मात्रा में निर्यात करना पड़ता था। लेकिन अब यह स्थिति समाप्त हो गई है। देश के किसानों ने इतना उत्पादन बढ़ा लिया है कि वह दिन दूर नहीं जब हमें दालों का आयात नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी हम खाद्यान तेल उत्पादन में काफी पीछे है। हमें तिलहन उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है। शाही ने किसानों से कहा कि किसानों को गुमराह कर अपनी राजनीति चमकाने वाले ही दिल्ली कूच कर रहे हैं, लेकिन किसान गुमराह होने वाला नहीं है।
 उन्होंने कहा कि किसानों को परपरागत फसलों के साथ-साथ कृषि की आधुनिक तकनीक पर जोर देना होगा। किसानों की आमदनी को बढ़ाने के लिए हम फूड प्रोसेसिंग पर जोर दे रहे है। गन्ना किसानों को उनकी लागत से अधिक मुनाफा हो। इसके लिए ऐथोनोल तीस प्रतिशत तक मिलाने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए नीति भी तैयार की गई है।  इस अवसर पर विवि के कुलपति प्रोफेसर गया प्रसाद ने कृषि मंत्री का शॉल ओढाकर एवं प्रतीक चिंह देकर स्वागत एवं समान किया। इस दौरान कृषि दिग्दर्शिका पुस्तक का भी विमोचन किया। रजिस्ट्रार डा बीआर सिंह, वित्त नियंत्रक अवध नारायण यादव, डा. अनिल सिरोही, डा. राजबीर सिंह, डा. आर एस सेंगर, डा. रविंद्र कुमार, डा. सतेंद्र खारी, भाजपा जेजे प्रकोष्ठ के संयोजक सुनील भराला, किठौर विधायक सत्यवीर त्यागी, भाजपा नेता सतेंद्र भराला, पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, संजय गुप्ता आदि मौजूद रहे।उधर डा डीके सिंह द्वारा किसानों के लिए मुर्गी पालन के लिए हिन्दी में पुस्तक का विमोचन कृषि मंत्री और कुलपति से कराया।  
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भाजपा नेता ने कृषि मंत्री से की शिकायत  
मोदीपुरम। मेले के दौरान भाजपा जेजे प्रकोष्ठ सह संयोजक सुनील भराला ने कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही से मुलाकात की। सुनील भराला ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानो को कृषि यंत्रों पर पर छूट जा रही है, लेकिन कृषि विभाग द्वारा किसानों को इसकी जानकारी नहीं दी जा रही है। जिस पर कृषि मंत्री ने डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर को फटकार लगाई। उधर भाजपा नेता सतेंद्र भराला का आरोप है कि मेला हर बार विवि लगाता था, लेकिन इस बार निदेशक प्रसार विभाग के अधिकारियों ने सेटिंग कर प्राईवेट कंपनी को दे दिया। जिसके चलते किसानों को खाना और पानी तक नहीं मिला। इसके अलावा विवि प्रशासन ने मंत्री से सरदार पटेल की मूर्ति पर माल्यअर्पण भी नहीं कराया।   

खाने को लेकर किसानों का हंगामा, तोडफोड
मोदीपुरम । कृषि विवि में किसान मेले में पहले ही दिन किसानों ने हंगामा कर दिया। किसानों ने मेले में लगे खाने के स्टाल पर पैसे अधिक लेने और खाना कम देने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और खाने के स्टाल पर तोडफोड कर दी। किसानों के तेवर देखकर मौके पर हडकंप मच गया। इस हंगामें के बीच कुछ लोगों ने स्टाल से खाना लूट भी लिया।
दरअसल इस बार मेले की व्यवस्था एक इवेंट कंपनी को दी गई है। मेले में किसानों के लिए खाने पीने की व्यवस्था के लिए हर साल की तरह इस बार भी स्टाल लगे हैं। गौतबुद्धनगर से आए किसानों का आरोप है कि गौतमबुद्धनगर कृषि विज्ञान केंद्र के अधिकारी पचास रूपये में खाने की बातकर उन्हें यहां लेकर आए थे, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहंी मिला। किसानों का आरोप है कि थाली में थोडे से चावल और सब्जी ही दी जा रही थी। जब इसे लेकर किसानों ने अपना विरोध जताया तो मामूली कहासुनी के बाद हंगामा हो गया और जमकर तोड़फोड़ हुई। मेले स्थल पर मौजूद पुलिसकर्मी भी वहां पहुंचे और किसी तरह किसानों का समझा बुझाकर मामला शंात कराया। वहीं किसानों का आरोप है कि खाने के साथ ही पीने के पानी के लिए भी इधर-उधर भटकना पड रहा है। किसानों का कहना है कि हर साल मेले के मुख्य द्वार के पास ही सूचना केंद्र और सहायता केंद्र बनाया जाता था जहां किसानों को जानकारी मिल जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं है। जानकारी लेने के लिए भी किसान इधर से उधर-भटक रहे हैं। जबकि दुकानदारों का कहना है कि खाने में किसी तरह की कोई कमी नहीं थी। जितने पैसे लिए जा रहे थे उसके अनुरूप ही खाना दिया जा रहा था। अचानक कुछ किसान आए और उन्होंने तेज आवाज में बोलना शुरू कर दिया। इससे पहले की कोई कुछ समझता किसानों ने उनके स्टाल पर तोड़फोड़ कर दी।
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