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'आज का विज्ञान जहां समाप्त होता है वहीं से शुरु होता है ज्योतिष'

Sun, 19 Feb 2017 05:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम
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जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम ने कहा कि ज्योतिष कल्पना नहीं विज्ञान है। कंप्यूटर ज्योतिष के साथ छलावा है। नासा के वैज्ञानिक भी नहीं बता पाए कि पृथ्वी से सूर्य की दूरी कितनी है। हमारे ज्योतिष में सब कुछ स्पष्ट है। गणित विद्या का नाम ही ज्योतिष है, जो कुछ गलत लोगों के हाथों में पहुंच गई। 
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जगद्गुरु शंकराचार्य शनिवार को शताब्दीनगर स्थित द अध्ययन स्कूल में ज्योतिष एवं वास्तु विज्ञान पर आयोजित गोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि हमारे नारद जी के चरणों में उपग्रह था। ज्योतिष विद्या साधनों की नहीं बल्कि संकल्प व साधना की है। हमें लालच के लिए ज्योतिष से खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। ज्योतिष से आज प्रत्येक व्यक्ति जुड़ा है। हर व्यक्ति को अपने भविष्य की चिंता है। आज का विज्ञान जहां समाप्त होता है वहीं से ज्योतिष प्रारंभ होता है। 

एक दूसरे से ज्ञान बांटें

ज्योतिष एवं वास्तु विज्ञान पर आयोजित गोष्ठी
उन्होंने कहा कि ज्योतिष को न्याय देने के लिए सभी ज्योतिषविदों को ऐसे सम्मेलनों के माध्यम से एक दूसरे से ज्ञान बांटना चाहिए। ज्ञानी पुरुषों के चर्चा करने से ज्ञान की उत्पत्ति होती है। उन्होंने ज्योतिषविदो से कहा कि वह इस सम्मेलन में ज्योतिष के हिसाब से भारत के भविष्य की घोषणा करें। वहीं, मीडिया से वार्ता में उन्होंने हिंदुओं को जनसंख्या बढ़ाने की सलाह दी। कहा कि वह अपने बच्चों को हिंदुत्व के स्वाभिमान का पाठ पढ़ाएं। अपील की कि बच्चों को पश्चिम संस्कृति से दूर रखें। सरकार राष्ट्रीय जनसंख्या नियंत्रण नीति बनाए। इसी से भुखमरी और अपराध को खत्म किया जा सकता है।
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ज्योतिषाचार्यों से भविष्य जानने पहुंचे लोग

जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम
शारदा ज्योतिष निकेतन द्वारा शनिवार को शताब्दीनगर स्थित द अध्ययन स्कूल में ज्योतिष एवं वास्तु विज्ञान पर दो दिवसीय गोष्ठी शुरू हुई। शुभारंभ जगद्गुरु शंकराचार्य राज राजेश्वराश्रम ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इसमें देश भर के ज्योतिषविदों ने ज्योतिष और वास्तु विज्ञान पर आपस में ज्ञान बांटा। लोगों की कुंडली देख उन्हें सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान जहां माता पिता अपने बच्चों की शिक्षा, नौकरी और शादी के योग पूछते नजर आए वहीं युवाओं में सबसे अधिक अपने भविष्य को लेकर चिंता दिखाई दी। वास्तुविद् एवं ज्योतिषाचार्य कैप्टन डॉ. लेखराज शर्मा ने कहा कि ज्योतिष का महत्व बहुत ही सारगर्भित है। ज्योतिष वेद का ही अंग है। वास्तु शास्त्र का आधार भी पंचतत्व है। ललित, चंदशेखर शास्त्री, पं. शिवराज शर्मा, निशा ठाकुर, मोहन भाई पटेल, अरुण बंसल, रमेश सेमवाल आदि ने भी ज्योतिष पर व्याख्यान दिया। इस मौके पर आईजी अजय आनंद, स्कूल चेयरमैन रामनिवास अग्रवाल, संजय अग्रवाल मौजूद रहे। वहीं विद्यालय में हवन यज्ञ और भजन संध्या का भी आयोजन हुआ। यज्ञ वास्तुविद् डॉ. संजीव अग्रवाल के निर्देशन में किया गया। पूरे दिन हनुमान चालीसा का पाठ होता रहा। इस दौरान देशभर से आए ज्योतिषाचार्यों ने स्कूल में पहुंचे लोगों की कुंडली देखी। काफी लोग अपनी और अपने बच्चों की जन्मपत्री लेकर पहुंचे। रविवार को भी ज्योतिषाचार्य निशुल्क कुंडली देखेंगे। स्कूल में कई स्टॉल लगे हैं। जहां पर लोग किसी भी ज्योतिषाचार्य से सीधे वार्ता करके अपने भविष्य की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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