जर्जर श्मशान घाट में बारिश से बुझी चिता, तीन घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार
मेरठ। नगर निगम के श्मशान घाटों की हालत इस कदर जर्जर हो गई है कि अब्दुल्लापुर में बारिश के चलते दो बार चिता सजानी पड़ी। लकड़ी गीली होने के चलते शव का तीन घंटे बाद दूसरी चिता पर अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस पूरे मामले का वीडियो वायरल हो गया।
गांव के राजेश गुप्ता की मां कलावती का बुधवार देर रात निधन हो गया था। बृहस्पतिवार सवा ग्यारह बजे परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले गए। परिजनों ने चिता सजाकर कलावती को उस पर रखा ही था कि बारिश आ गई। थोड़ी देर बाद ही श्मशान घाट की छत से पानी टपकने लगा। इससे चिता पूरी तरह भीग गई। बारिश बंद होने के बाद दोबारा दूसरी चिता सजाई गई, लेकिन लकड़ी गीली होने के चलते अंतिम संस्कार के लिए घी और सामग्री का उपयोग ज्यादा करना पड़ा। समाजसेवी मोहित राठौर ने बताया कि पिछले साल भी यही हाल हुआ था। तब भी नगर निगम अधिकारियों को इस बाबत बताया गया था, लेकिन जर्जर छत को सही नहीं कराया गया। बृहस्पतिवार को एक परिवार को फिर से नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा। इस बारे में सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह ने बताया कि वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने श्मशान घाट का निरीक्षण किया। उसके निर्माण में कोई अनियमितता नहीं मिली। छत में धुआं निकलने के लिए जगह छोड़ी गई है। बारिश का पानी उसके जरिये ही गिरता है। इसे ठीक कराया जाएगा।