इन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट
1. वेटिंग रूम - कितनी बार यहां साफ-सफाई की जाती है। किस तरह से साफ-सफाई करने की योजना बनाई गई है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए क्या प्लान तैयार किया गया है।
2. पार्किंग एरिया - यहां सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रबंधन के क्या उपाय है। कितनी शिफ्ट में यहां साफ-सफाई की जाती है।
3. स्वच्छता कर्मचारी - इन कर्मचारियों के पास स्वच्छता के सभी मानकों को पूरे करते हुए मास्क, दस्ताने आदि मौजूद हैं या नहीं।
4. हर शिफ्ट में स्टेशन के मेन गेट से दिन में तीन बार कूड़ा हटाने का कार्य किया जा रहा है या नहीं।
5. सॉलिड वेस्ट फाइनल डिस्पोजल, प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया की स्थिति।
कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं
सिटी स्टेशन पर कूड़ा निस्तारण के लिए कोई भी व्यवस्था नहीं है। स्टेशन का कूड़ा आरक्षित काउंटर के पास डंप कर दिया जाता है। बारिश आने पर वह गीला हो जाता है। इसके बाद उसमें से दुर्गंध आने लगती है। वहीं, ट्रैक के नीचे नाली को बंद किया गया है। जिससे ट्रैक पर पानी भरने का खतरा लगातार बना रहता है।
चूहों और दीमक से परेशान
चूहों और दीमक ने भी परेशान कर रखा है। एक तरफ चूहे ट्रैक पर दौड़ लगा रहे हैं तो दीमक कार्यालयों की खिड़की और दरवाजों को खा रही है। चूहों को मारने के लिए करीब छह माह से टेंडर अधर में है। दरअसल चूहों द्वारा ट्रैक को खोखला करने का डर रेलवे को सता रहा है। चूहे अपना बिल बनाकर इस कार्य को करते हैं।
70 सफाई कर्मचारी
सिटी स्टेशन को चमकाने के लिए 70 कर्मचारियों को लगाया गया है। यह कर्मचारी झाड़ू और पोंछा लिए घूमते रहते हैं। हालांकि इन सफाई कर्मचारियों का ठेका तीन कंपनियों के पास था, जिसे रेलवे ने खत्म कर दिया है। नए टेंडर के लिए प्रक्रिया शुरू होनी है। तब तक गाजियाबाद की कंपनी को यह कार्य दिया गया है।
तय समय में भेजेंगे रिपोर्ट
स्वास्थ्य निरीक्षक को प्रोफार्मा सौंप दिया है। तय समय में रिपोर्ट बनाकर डीआरएम कार्यालय को भेज दी जाएगी। सफाई का पूरा प्रबंध किया जाएगा। -आरपी शर्मा, सिटी स्टेशन अधीक्षक
इन मशीनों की है जरूरत
स्क्रबर, ड्रायर, वाटर जैट और वैक्यूम क्लीनर।