रेल बजट 2016-17 में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मेरठियों को 104 किलोमीटर लंबी मेरठ-पानीपत लाइन की सौगात दी है। इससे मेरठ रेलवे लाइन के माध्यम से सीधे तौर पर हरियाणा से जुड़ जाएगा।
इससे लोगों को शामली आवागमन के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे साथ ही बजट में 175 किलोमीटर लंबी दिल्ली-शामली-टपरी-सहारनपुर लाइन के दोहरीकरण, मेरठ-मुजफ्फरनगर लाइन के आंशिक दोहरीकरण के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान तथा मेरठ-सहारनपुर-खुर्जा ट्रैक पर 26 ओवरब्रिज और अंडरपास के निर्माण की घोषणा की गई है। हालांकि कोई ट्रेन नहीं मिलने से मेरठियों को मायूसी हाथ लगी है।
मेरठ-पानीपत रेल लाइन (वाया बड़ौत या शामली) की मांग लंबे समय से की जा रही है। संप्रग सरकार के कार्यकाल में इस लाइन को लेकर हुए सर्वे में घाटे का सौदा बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था।
गुरुवार को जारी रेल बजट में इस 104 किलोमीटर लंबी लाइन की गई है। इसके लिए 2200 करोड़ रुपये स्वीकृत लागत के सापेक्ष 26 लाख रुपये सर्वे आदि की प्रक्रियाओं के लिए जारी किए गए है।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर लाइन दोहरीकरण
बजट में दिल्ली-शामली-टपरी-सहारनपुर बाईपास सहित 175 किलोमीटर लंबी लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 750 करोड़ रुपये खर्च होने है, जिसके सापेक्ष एक करोड़ रुपया जारी कर दिया गया है।
मेरठ-मुजफ्फरनगर (55.47 किमी.) लाइन पर पहले से ही चल रहे आंशिक दोहरीकरण के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह परियोजना करीब 250 करोड़ की है।
मेरठ-सहारनपुर-हापुड़-खुर्जा ट्रैक पर 26 ओवरब्रिज व अंडर पास
बजट में मेरठ-सहारनपुर-हापुड़ और खुर्जा रेलवे ट्रैक पर रेलवे ने 26 आरओबी/अंडर पास निर्माण को मंजूरी दी है। इन सभी पर करीब 258 करोड़ रुपये स्वीकृत लागत तय की गई है।
मेरठ-हस्तिनापुर लाइन पर ब्रेक
बजट में मेरठ-हस्तिनापुर रेल लाइन के लिए कोई भी घोषणा नहीं हुई। महाभारतकालीन धरती होने और वर्तमान में जैन समाज का ऐतिहासिक स्थल होने के बाद भी हस्तिनापुर लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। लंबे समय से यहां की लाइन सर्वे आदि में ही उलझी पड़ी है।
क्या बोले सांसद
बजट में पश्चिमी यूपी को मेरठ-पानीपत रेल लाइन के अलावा 26 ओवरब्रिज और अंडर पास मिले हैं। दोहरीकरण वाली लाइनों के लिए पैसा रिलीज किया गया है।
ये बजट गरीबों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बुनियादी सुविधाओं पर जोर दिया गया है। आने वाले कुछ सालों बाद इसका असर देखने को मिलेगा। -राजेंद्र अग्रवाल, सांसद मेरठ-हापुड़ लोकसभा