बाइक आपकी नहीं है या चोरी की है और उसकी आरसी भी नहीं हैं तो डरने की जरूरत नहीं। मेरठ पुलिस मात्र 100-150 रुपये घूस लेकर आपको बाइक चलाने की छूट दे देगी। मामला सुविधा शुल्क का है तो पुलिस ने नियमों को ही तोड़ दिया। बाइक की आरसी खोने की प्रार्थना पत्र की रिसीविंग देने की एवज में पुलिस ऐसा कर रही है। देहली गेट, नौचंदी और सिविल लाइन थाने की पुलिस ने पैसा मिलते ही बिना कोई जांच करके रिसीविंग थमा दी। नियमानुसार इसमें शपथ पत्र लिया जाना चाहिए। जांच भी होनी चाहिए।
कैमरे की निगरानी में घूस
थाना नौचंदी में सीसीटीवी कैमरा भले ही घूसखोरी रोकने के लिए लगाया गया होगा। लेकिन मुंशी ने दो बार मुट्ठी बंद कर पैसा लिया। पहले सौ रुपये और फिर पचास रुपये वसूले। करीब 11.40 बजे हम थाना नौचंदी में बाइक के कागज खोने की तहरीर लेकर पहुंचे। वहां मौजूद मुंशी ने तहरीर लेते ही कहा घटनास्थल तो तुम्हें पता नहीं होगा और शपथपत्र भी नहीं लाए हो। कागजों के बिना तो भंगार (कबाड़) है बाइक। चलो करते हैं तुम्हारे लिए कुछ। जाओ बाहर जाओ, मुट्ठी बंद करके चाय पानी के पैसे लाओ। हम थाने से बाहर आए मुट्ठी में 100 रुपये बंद कर फिर वापस पहुंचे तो मुंशी ने हाथ मिलाते हुए 100 रुपये की घूस अपनी मुट्ठी में कर ली। ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे से नजर बचाकर मुट्ठी खोलकर देखी तो कहा कि अरे ये क्या है? फटाफट जाओ मुट्ठी बंद करके फिर आओ। इस बार 50 रुपये घूस ली गई।
थाना देहली गेट में तैनात पुलिसकर्मी ने पहले शपथपत्र के संबंध में पूछा और फिर सीधे 100 रुपये लेकर तहरीर पर हस्ताक्षर और मोहर लगाकर दे दी। थाना सिविल लाइन में पुलिसकर्मी ने सीधा सुविधा शुल्क ही मांग लिया। थाना रेलवे रोड, थाना लालकुर्ती और थाना मेडिकल में बिना पूछताछ के तहरीर पर मोहर लगाकर दे दी।
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