फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हत्यारोपी भाजपा नेता की गिरफ्तारी न होने पर भड़का आक्रोश

विज्ञापन
विज्ञापन
भाजपा नेता की गिरफ्तारी न होने पर एसएसपी ऑफिस पर हंगामा
विज्ञापन

मेरठ। कुनकुरा गांव में चुनावी रंजिश में राहुल की हत्या में नामजद भाजपा नेता योगेंद्र सिंह की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित परिवार का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को परिवार के लोग आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सहित अन्य कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ऑफिस पहुंचे। यहां काफी देर तक हंगामा किया। आरोप लगाया कि इंचौली पुलिस नामजद भाजपा नेता को बचाने में लगी है। समझौता न करने पर पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण लौटे।
आजाद समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र रछौती के नेतृत्व में शुक्रवार को राहुल के परिजन एसएसपी ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। हंगामे के दौरान बताया गया कि छह जून को ग्राम पंचायत सदस्य का टिकट भरने पर इंचौली के कुनकुरा गांव में राहुल की भाजपा नेता योगेंद्र सिंह के बेटे अंकित ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। योगेंद्र भाजपा समर्पित जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ चुके हैं और पूर्व ब्लाक प्रमुख भी हैं। कुनकुरा गांव में योगेंद्र की पत्नी ने ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ा था, जिसमें वह हार गई। प्रधानी चुनाव को लेकर ही गांव में दो पक्षों के बीच विवाद था।
विज्ञापन

आरोप है कि योगेंद्र और उसके बेटों ने राहुल को जान से मारने की पहले धमकी दी और फिर ग्राम पंचायत सदस्य का टिकट भरने पर उसकी गोली मारकर हत्या की। पुलिस ने अंकित, विकास और अमन को जेल भेज दिया था जबकि अन्य नामजद आरोपी भाजपा नेता योगेंद्र सिंह, उदय राव, उत्तम राव खुलेआम घूम रहे हैं। वे पीड़ित परिवार को धमकी दे रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि योगेंद्र सिंह ने धमकी दी है कि अगर समझौता नहीं किया तो वह राहुल के भाई की भी हत्या करा देगा।
विज्ञापन

--
भाजपा नेता के दबाव में पुलिस
पीड़ित परिवार का कहना है कि भाजपा नेता योगेंद्र सिंह दबंग व्यक्ति है। वह गांव में किसी भी व्यक्ति को अपने आगे नहीं बढ़ने देता। इंचौली पुलिस से उसने साठगांठ कर ली है। बताया गया है कि नामजद भाजपा नेता की सिफारिश में भाजपा का एक नेता पुलिस को फोन करता है। इसके चलते पुलिस नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं करती। पीड़ितों का कहना है कि इंचौली पुलिस दूसरी घटना होने का इंतजार कर रही है। वहीं, थाना पुलिस ऐसे आरोपों से इनकार कर रही है।
--
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें