मेरठ। नगर निगम को हाउस टैक्स वसूली के मामले में राहत मिली है। रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने 11 वर्षों का लंबित हाउस टैक्स अदा करते हुए निगम को एकमुश्त 9.86 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। यह भुगतान वर्ष 2014 से 2025 तक की अवधि के लिए है जिसने निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान की है।
नगर निगम लंबे समय से हाउस टैक्स वसूली के मामले में विवादों और असफलता से जूझ रहा था। विभिन्न संस्थाओं और विभागों द्वारा हाउस टैक्स का भुगतान न करने के कारण निगम की आय पर लगातार प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे में आरएएफ द्वारा किया गया यह बड़ा भुगतान निगम के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। निगम और आरएएफ के बीच हाउस टैक्स की वसूली को लेकर पिछले कई महीनों से पत्राचार चल रहा था।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी एसके गौतम ने बताया कि आरएएफ के इस कदम से अन्य विभाग और संस्थानों को भी हाउस टैक्स भुगतान के प्रति गंभीरता से विचार करना होगा। बड़े संस्थान और विभाग समय पर हाउस टैक्स जमा करें तो निगम की आय में व्यापक वृद्धि संभव है। इससे शहर के विकास कार्यों को गति मिल सकती है। आरएएफ के इस भुगतान से न केवल निगम की वित्तीय रिपोर्ट में सुधार होगा बल्कि उसकी रैंकिंग पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। अपर नगर आयुक्त शिव पूजन यादव ने बताया कि काफी पत्राचार किया गया। आरएएफ के अधिकारियों से निगम की सहमति बनी और उन्होंने पूरा गृहकर जमा कर दिया।