मेरठ। महानगर में सीएम ग्रिड योजना विद्युत विभाग की लापरवाही के कारण सवालों के घेरे में आ गई है। सोमवार को महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने आयुक्त और प्रबंध निदेशक पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम को पत्र भेजकर नाराजगी जताई। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
महापौर ने पत्र में बताया कि मेरठ में चार प्रमुख मार्गों का निर्माण कार्य चल रहा है। इन कार्यों में नगर निगम के साथ विद्युत विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसमें पोल और लाइन शिफ्टिंग जैसे कार्य शामिल हैं। इन कार्यों के लिए विद्युत विभाग ने पहले व्यय अनुमान प्रस्तुत किया था। शासन से स्वीकृति के बाद धनराशि विभाग को जारी भी कर दी गई थी। इसके बावजूद अब विभाग दोबारा संशोधित व्यय अनुमान प्रस्तुत कर अतिरिक्त धनराशि की मांग कर रहा है। महापौर ने इसे अनियमितता बताया।
कार्य में देरी और जनता का रोष
महापौर ने कहा कि बार-बार संशोधन से योजना की गति प्रभावित हो रही है। इससे निर्माण कार्य अनावश्यक रूप से लटकता जा रहा है। लंबे समय से कार्य अधूरा होने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे जनता में रोष भी बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्य समय से पूरा नहीं हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।