नलकूप घोटाले की जांच कमेटी पर उठे सवाल, जिनके समय में हुई अनियमितता उन्हें ही जांच सौंपी
मेरठ। बिना चले ही नलकूपों और टंकियों के संचालन व रखरखाव के लिए किए गए भुगतान मामले में नगर आयुक्त ने जिस उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है, उस पर सवाल उठने लगे हैं। कमेटी में शामिल सहायक नगर ही घपले के समय प्रभारी महाप्रबंधक जलकल थे। उन्हीं के हस्ताक्षर से नलकूपों और टंकियों के संचालन और रखरखाव का भुगतान किया गया है। मामले के शिकायतकर्ता एवं पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने इस पर कड़ा एतराज जताया है।
नगर निगम के जलकल विभाग ने बड़ा खेल करते हुए एमडीए से हैंडओवर हुई उन नौ ट्यूबवेल और पांच टंकियों के संचालन व रखरखाव के लिए तीन महीने का करीब 11 लाख रुपये भुगतान कर दिया जो वर्षों से ठप पड़ी हैं। अमर उजाला ने शनिवार के अंक में ‘नलकूप चले नहीं और कर दिया 11 लाख रुपये का भुगतान’ शीर्षक से खबर छापकर भ्रष्टाचार का खुलासा किया था। पूर्व पार्षद अजय गुप्ता ने भी इस मामले की शिकायत नगर आयुक्त से की थी। शिकायत और खबर छपने के बाद नगर आयुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने मामले में संज्ञान लेते हुए जांच कमेटी गठित कर दी। जांच कमेटी में सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह और महाप्रबंधक जलकल रतनलाल को नामित किया गया है, लेकिन इस जांच कमेटी पर सवाल खड़ा हो गया है।
शिकायतकर्ता अजय गुप्ता का कहना है कि महाप्रबंधक जलकल का प्रभार सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह के पास ही था। इनके समय में ही वित्तीय अनियमितता की गई है। इनके हस्ताक्षर से ही भुगतान किया गया और इन्हें ही जांच कमेटी में शामिल किया गया है। ऐसे में जांच के घेरे में आए अधिकारी से कैसे जांच कराई जा सकती है।
सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह का कहना है कि यह सही है कि प्रभारी महाप्रबंधक जलकल होने के नाते उनकी स्वीकृति के बाद ही भुगतान हुआ है, लेकिन जांच कमेटी में शामिल करने के लिए उन्होंने नहीं कहा। अजय गुप्ता नगर आयुक्त से कहकर कमेटी से उन्हें हटवा दें। इसमें मुझे कोई आपत्ति नहीं है। अजय गुप्ता का कहना है कि वह इस कमेटी से संतुष्ट नहीं हैं। वह इस बारे में नगर आयुक्त से बात करेंगे।
भाजपा पार्षद बोले-सीएम से करेंगे शिकायत
वार्ड 32 के भाजपा पार्षद ललित नागदेव का कहना है कि एमडीए से हैंडओवर हुए नलकूपों के बिना चले ही इनके संचालन और रखरखाव का भुगतान किया जाना नगर निगम की बहुत बड़ी वित्तीय अनियमितता है। जन सुविधाओं के लिए मिल रहे धन की इस तरह बंदरबांट नहीं होने दी जाएगी। इसकी शिकायत सीएम तक पहुंचाई जाएगी।