मीट फैक्टरी संचालक को क्लीनचिट पर सवाल
खरखौदा। तीन दिन पहले हापुड़ रोड पर तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी हाजी इजलाल की मीट फैक्टरी पर पुलिस की छापामार कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। एक तरफ पुलिस सभी संबंधित विभागों की अनुमति होना बताकर क्लीन चिट दे रही है, दूसरी तरफ फैक्टरी में पशु अवशेष से भरी गाड़ी मिलने पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तीन दिन पहले खरखौदा पुलिस ने पशुपालन विभाग के साथ हाजी जलाल की मीट फैक्टरी पर छापा मारा था। पुलिस ने पशुओं के अवशेषों से भरी एक गाड़ी व भारी मात्रा में मीट बरामद किया था। पुलिस ने संचालन से संबंधित सभी विभागों से फैक्टरी के बारे में रिपोर्ट मांगी थी। पशुपालन विभाग ने पशुओं के अवशेषों जांच के लिए भेजे थे। अवशेषों की जांच रिपोर्ट में भैंस के मीट की पुष्टि हुई है। सोमवार को केंद्रीय खाद्य विभाग की टीम फैक्टरी पहुंची। स्टोरेज में रखे मीट के नमूने के साथ अपनी कार्रवाई शुरू की।
प्रोसेसिंग हो रहा था या कटिंग
पुलिस के अनुसार, छापे के दौरान अवशेषों से लदी एक गाड़ी मौके पर मिली थी। पुलिस फैक्टरी के पास प्रोसेसिंग की अनुमति बता रही है। अब सवाल है कि यदि प्रोसेसिंग हो रही है तो अवशेषों से लदी गाड़ी फैक्टरी में कहां से आई। इस सवाल पर पुलिस चुप्पी साधे है।
फैक्टरी पर पहले से कई बड़े आरोप
सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल के अनुसार, उक्त फैक्टरी में चोरी से मीट बेचने के आरोप सहित प्रतिबंधित मीट भी मिला है। एमडीए की अनुमति न होने के कारण जब हाजी याकूब की फैक्ट्री पर सील लगाई जा सकती है तो इस फैक्टरी पर क्यों नहीं।