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कड़ी सुरक्षा में मेरठ पहुंची नीदरलैंड की महारानी, सुनी कारीगरों के दिल की बात

Tue, 29 May 2018 09:31 PM IST
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
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मेरठ पहुंची नीदरलैंड की महारानी क्वीन मैक्सिमा जोरेग्विटा - फोटो : अमर उजाला
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नीदरलैंड की महारानी क्वीन मैक्सिमा जोरेग्विटा मंगलवार को मेरठ के लिसाड़ी गांव पहुंची। यहां महारानी ने सागर स्पोर्ट्स कारखाने में कारीगरों के दिल की बात सुनी। कड़ी सुरक्षा के बीच महारानी ने करीब एक घंटा 40 मिनट कारखाने में बिताए। महारानी संयुक्त राष्ट्र संघ महासचिव की विशेष सलाहकार भी हैं। वह देशभर में वित्तीय विकास पर काम कर रही हैं। इसके चलते वह भारत में चार दिवसीय दौरे पर हैं। 

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मेरठ का स्पोर्ट्स कारोबार अब विदेशों में भी विख्यात हो चुका है। इसके चलते कई देश स्पोर्ट्स बाजार को लेकर भारत का रुख कर रहे हैं। बड़ी फैक्ट्रियों के बीच अब छोटे-छोटे कारखानों की संख्या भी जिले में बढ़ने लगी है। यही वजह रही कि मंगलवार को नीदरलैंड की महारानी क्वीन मैक्सिमा जोरेग्विटा मेरठ के लिसाड़ी गांव में एक कारखाने के कारीगरों से मिलने पहुंचीं। सागर स्पोर्ट्स के इस कारखाने में लेदर की गेंद बनाई जाती है। यहां गेंद के नेचुरल पिंक कलर पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है, जो महारानी को खासा पसंद आया था। 

कारखाने तक पैदल पहुंचीं
लिसाड़ी गांव की गलियां तंग होने के कारण कारखाने तक पहुंचने के लिए महारानी को कुछ दूरी पैदल भी तय करनी पड़ी। उन्होंने कारखाना मालिक व कारीगरों से मुलाकात की। महारानी की कोर्डिनेटर नैनसी ने उन्हें कारीगरों से रूबरू कराया। इस दौरान उन्होंने नेचुरल पिंक गेंद बनाने की कला के बारे में भी पूछताछ की। कारीगरों से उनके बैंक खातों के संबंध में भी जानकारी ली।
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35 मिनट में तैयार कर देते हैं बॉल  
सागर स्पोर्ट्स के मालिक धीर सिंह ने बताया कि नेचुरल पिंक गेंद की सिलाई करने वाली पांच महिला कारीगरों से महारानी ने बात की। महिला कारीगरों ने बताया कि गेंद को जोड़ने में 20 मिनट और उसकी सिलाई में 15 मिनट लगते हैं। कुल 35 मिनट में गेंद तैयार होने के बाद फिनिशिंग के लिए चली जाती है। इस दौरान कई स्पोर्ट्स कारोबारी स्पोर्ट्स का सामान लेकर कारखाना पहुंचे। बैट बनाने वाली मार्क कारखाना मालिक ओमप्रकाश के बैट व सागर स्पोर्ट्स की गेंद हाथ में लेकर महारानी ने उत्साहवर्धन किया। इस दौरान महारानी अपने साथ एक दर्जन गेंद और एक बैट ले गईं।

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मास्टर कार्ड ने कराया था मेरठ में सर्वे

कारीगरों से बात करतीं नीदरलैंड की महारानी - फोटो : अमर उजाला
आय फाइनेंस कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर संजय शर्मा ने बताया कि मास्टर कार्ड हमारी कंपनी का टेकिभनकली पार्टनर है। मास्टर कार्ड के अधिकारियों ने 8 मई को मेरठ में अतिलघु उद्योगों का सर्वे कराया था। इस दौरान 10 से 12 कारखानों का सर्वे किया गया था। सर्वे के बाद अधिकारियों ने महारानी के भ्रमण के लिए लिसाड़ी गांव के सागर स्पोर्ट्स का चयन किया था। कारखाना मालिक को सोमवार को ही नीदरलैंड की महारानी के आने की सूचना दी गई थी। संजय शर्मा ने बताया कि उनकी कंपनी अतिलघु उद्योंगों के लिए अभी तक देशभर में 60 हजार से ज्यादा तो मेरठ में करीब 2500 लोगों को लोन दे चुकी है। कारखाने के मालिक धीर सिंह ने दो लाख का लोन लिया था। यह कंपनी उन अतिलघु उद्योगों को लोन देती है, जो बैंक की कागजी औपचारिकता को पूरा नहीं कर पाते हैं। मेरठ दौरे के दौरान आय फाइनेंस कंपनी के एडी विक्रम जेटली, एडमिन नीरज सचदेव, रीजनल हेड तरूण नागपाल, कलस्टर हेड नदीम खान और मेरठ शाखा मैनेजर आकिल खान मौजूद रहे।  

महारानी की एक झलक को उमड़ी भीड़  
महारानी क्वीन मैक्सिमा लिसाड़ी गांव पहुंची तो उनकी एक झलक के लिए लोगों की भारी उमड़ पड़ी। पैदल यात्रा के दौरान लोगों में सेल्फी लेने की होड़ रही। महिलाएं और युवा आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गये। हालांकि भारी फोर्स और कड़े इंतजाम को देखते हुए लोगों को महारानी के पास तक नहीं पहुंचने दिया गया।   

महारानी की सुरक्षा में लगे 90 पुलिसकर्मी 
नीदरलैंड की महारानी क्वीन मैक्सिमा जोरेग्विटा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसएसपी राजेश पांडेय ने लिसाड़ी गांव में तीन सीओ और चार इंस्पेक्टर समेत करीब 90 पुलिसकर्मी को तैनात किया। वहीं दिल्ली बॉर्डर से पुलिस की एस्कार्ट उनके साथ सुरक्षा में रही। सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला को दी गई थी। दिल्ली बॉर्डर पर सुबह से ही पुलिस एस्कार्ट तैयार थी। उसके बाद गाजियाबाद और मेरठ पुलिस की एस्कार्ट सुरक्षा में तैनात रहीं। करीब 9.25 बजे महारानी लिसाड़ी गांव पहुंची। उनके साथ में सीओ संजीव देशवाल, सीओ एलआईयू, इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट, एसओ देहलीगेट, इंस्पेक्टर कोतवाली और महिला थाना प्रभारी रहीं। बाद में महारानी ने सिक्योरिटी इंचार्ज सीओ दिनेश शुक्ला से कहा कि उन्हें दिल्ली से मेरठ और यहां लोगों से बात करने में कोई परेशानी नहीं हुई। उन्होंने मेरठ पुलिस के लिए थैंक्स भी बोला।

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