दारुल उलूम देवबंद में बगैर अनुमति किए जा रहे पुस्तकालय निर्माण के संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ने तकनीकी जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट का अवलोकन करने के साथ ही नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। नोटिस का जवाब मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
दारुल उलूम में वृहद पुस्तकालय का निर्माण चल रहा है। इसको लेकर बजंरग दल के प्रांत संयोजक विकास त्यागी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को शिकायत पत्र भेजकर जांच कराने की मांग की थी। उसमें आरोप लगाया था कि दारुल उलूम में पुस्तकालय के ऊपर हेलीपैड भी बनाया जा रहा है, जबकि यह इलाका विनियमित क्षेत्र है, जिसमें ऐसा निर्माण नहीं होना चाहिए। जिससे आसपास रहने वालों को किसी तरह का खतरा रहे।
इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से विशेष कार्याधिकारी ने मंडलायुक्त सहारनपुर को पत्र भेजकर जांच कराने का निर्देश दिया था। उसी परिप्रेक्ष्य में तीन अगस्त को जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, एसएसपी दिनेश कुमार, एसडीएम देवबंद और लोक निर्माण विभाग की टीम ने दारुल उलूम पहुंचकर जांच की थी।
पुस्तकालय के भीतर जाकर उसके निर्माण को लेकर जानकारी जुटाई गई थी, साथ ही दारुल उलूम प्रबंधन से भी पुस्तकालय निर्माण के लिए संबंध में अनुमति और अनापत्ति प्रमाण पत्र के बारे में पूछा गया था, लेकिन प्रबंधन की तरफ से अनुमति नहीं लेने की बात कही गई थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता ताराचंद रवि को पुस्तकालय निर्माण की तकनीकी जांच करने का जिम्मा सौंपा था।
पिछले दिनों ही अधिशासी अभियंता ने जांच करके अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी। मालूम चला है कि तकनीकी रिपोर्ट में पुस्तकालय के आकार का जिक्र भी किया गया है, जिसकी छत की चौड़ाई काफी है। अब तकनीकी जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के साथ ही दारुल उलूम को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय ने बताया कि तकनीकी जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है।
पुस्तकालय निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली गई और न अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कराया गया। इसको लेकर दारुल उलूम प्रबंधन को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।