51 लाख रुपये बर्बादी के बाद पीडब्ल्यूडी ने एनसीआरटीसी को सौंपी दिल्ली रोड
मेरठ। परतापुर तिराहे से आगे 51 लाख रुपये बर्बाद करने के बाद पीडब्ल्यू जागा है। पीडब्ल्यूडी ने दिल्ली रोड को नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) को हस्तांतरित कर दिया है। जब तक दिल्ली रोड पर रैपिड रेल का संचालन शुरू नहीं होगा, तब तक एनसीआरटीसी ही दिल्ली रोड की जिम्मेदारी उठाएगा।
करीब एक महीने पहले परतापुर तिराहे से आगे मोहिउद्दीनपुर तक पीडब्ल्यूडी ने डिवाइडर बनाना शुरू कर दिया था। इसके एक सप्ताह के भीतर ही एनसीआरटीसी ने मोहिउद्दीनपुर से परतापुर तक पिलर के निर्माण के लिए डिवाइडर के दोनों तरफ बैरिकेडिंग लगाने शुरू कर दिए थे। पीडब्ल्यूडी की लापरवाही से डिवाइडर निर्माण के 51 लाख रुपये बर्बाद हो गए थे। अमर उजाला ने यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामला सुर्खियों में आने के बाद ही पीडब्ल्यूडी ने एनसीआरटीसी से संपर्क कर दिल्ली रोड को उसके हवाले कर दिया है।
अभी रुड़की रोड बनाएगा पीडब्ल्यूडी
वहीं, पीडब्ल्यूडी द्वारा गांधी बाग से मोदीपुरम तक बनाई जाने वाली सड़क पर भी सवाल उठने लगे थे। लेकिन फिलहाल एनसीआरटीसी ने पीडब्ल्यूडी को जुलाई-2021 तक सड़क निर्माण करने की लिखित में अनुमति दी है। ऐसे में अभी पीडब्ल्यूडी अपना निर्माण जारी रखेगा।
एनसीआरटीसी ने संभाली दिल्ली रोड की कमान
रैपिड रेल का सिविल कार्य कर रही एलएंडटी इंजीनियरों की टीम ने परतापुर थाने से लेकर कुंडा गेट तक टूटी हुई सड़कों की जांच की। उन्होंने एंटी क्विक रिंग मशीन से देखा कि सड़क में कंक्रीट कितना लगा है। इसके बाद ही सड़क का निर्माण किया जाएगा।
उन्हीं की जिम्मेदारी होगी
पीडब्ल्यूडी अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार का कहना है कि हमने अब दिल्ली रोड की सड़कें एनसीआरटीसी को हस्तांतरित कर दी हैं। जब तक रैपिड रेल का संचालन नहीं होगा, तब तक अब उन्हीं की जिम्मेदारी होगी।