मेरठ जोन के उपभोक्ता भी दबा रहे बिल
कोरोना काल में मेरठ के उपभोक्ता भी बिल दबाने में लगे हैं। मार्च 2019 में जहां 282 करोड़ की बिलिंग हुई थी, वहीं मार्च 2020 में 153 करोड़ की बिलिंग हुई है। यानी राजस्व में 45 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है। अप्रैल माह में तो केवल 37 करोड़ की ही बिलिंग हो सकी है।
बकाये में कनेक्शन कटने का नहीं डर
उपभोक्ताओं को कोरोना संकट काल में बिजली बकाये बिल के चलते कनेक्शन कटने का डर नहीं है। न ही बिजली चोरी पकड़ने के लिए रेड डाली जा रही है। इसका फायदा उपभोक्ता उठा रहे हैं। उन्हें इसका भान नहीं है कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद बकायेदारों के कनेक्शन काटने का अभियान तेजी से चलेगा। इसके साथ जितने दिन भी बिल रोकोगे उस पर उतनी ज्यादा ही पेनल्टी लगकर आएगी।
कोरोना काल में राजस्व प्राप्ति के बोलते आंकड़े
पीवीवीएनएल
मार्च 2020 मार्च 2019
123927 214243
अप्रैल 2020 अप्रैल 2019
30264 53699
मेरठ जोन के आंकड़े
मार्च 2020 मार्च 2019
15328 28226
अप्रैल 2020 अप्रैल 2019
3726 6716
राजस्व प्राप्ति लाख रुपये में है और आंकड़े ऊर्जा भवन से लिये गए हैं।
क्या बोले अधिकारी
लॉकडाउन का असर कंपनी के राजस्व पर पड़ रहा है। दो महीने में ही राजस्व घटकर करीब आधा रह गया है। निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए उपभोक्ता हर महीने समय से बिल भुगतान करें। कंपनी को बिजली खरीदने के लिये पैसा देना पड़ता है। -अरविंद मल्लप्पा बंगारी, एमडी पीवीवीएनएल मेरठ