मेरठ। पश्चिमांचल समेत अन्य विद्युत निगमों में भी आउटसोर्स कर्मियों (कंप्यूटर ऑपरेटरों) को नौकरी से निकाला जा रहा है। उनका वेतन भी कम किया जा रहा है। इसे लेकर निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति के सदस्यों ने मंगलवार को भी ऊर्जा भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया। धरने पर बैठे और कर्मचारियों के विधायक अतुल प्रधान पहुंचे और कर्मचारियों से वार्ता की। विधायक ने आश्वासन दिया कि उनके मुद्दों को विधानसभा में उठाएंगे।
संगठन के कंप्यूटर ऑपरेटर प्रकोष्ठ के महामंत्री दीपक ठाकुर ने बताया कि पश्चिमांचल में पिछले कुछ दिनों में अभी तक 325 कंप्यूटर ऑपरेटरों को निकाला जा चुका है। वेतन भी नहीं बढ़ाया जा रहा। इसे लेकर कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है। एक ओर प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों का वेतन बढ़ाए जाने के दावे कर रही है। दूसरी ओर पावर कारपोरेशन कर्मचारियों को निकाल रहा है। ऐसे में उनका भविष्य संकट में है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कर्मचारियों को अधिकतम 16-17 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाता है, इसमें भी कटौती जा रही है। सभी निगमों में अभी तक एक हजार से अधिक कर्मचारियों को निकाला जा चुका है। ऐसे में कर्मचारी भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। कहा कि समस्याओं को लेकर धरना दिया जा रहा है। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती उनका यह धरना प्रतिदिन जारी रहेगा। कर्मचारियों के बीच विधायक अतुल प्रधान पहुंचे और उनकी समस्याएं सुनी। कहा कि शासन स्तर पर उनकी समस्याओं को उठाएंगे। इस दौरान बहादुर सिंह, विपिन कुमार, अमित कुमार, दीपक कुमार ने कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि वह पावर कारपोरेशन प्रबंधन के साथ वार्ता करेंगे और विधानसभा में भी उनकी समस्याओं को उठाएंगे।