कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच उत्तर प्रदेश के बैनर तले शुक्रवार को चौधरी चरण सिंह पार्क में विशाल धरना प्रदर्शन हुआ। इस धरने में वक्ताओं ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग पूरी होने तक आरपार की लड़ाई का ऐलान करते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो अब आंदोलन ज्यादा उग्र होगा। मंच के बैनर तले जनपद के तमाम विभागों के शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी तीन दिन से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। दो दिन से तहसील स्तर पर धरना चल रहा था। शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर कर्मचारियों ने अपनी शक्ति का अहसास कराया। इस दौरान मंच की तरफ से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी डीएम को सौंपा गया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नई पेंशन योजना लागू होने से कर्मचारी शिक्षक अपना भविष्य सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। इसमें कई खामियां हैं। वक्ताओं ने कहा कि कंपनियों के दिवालिया होने पर धन डूब जायेगा, जो हमारे वेतन से जमा किया गया है। कंपनी पर मुकदमा विदेशाें में चलाना पड़ेगा, जहां कंपनियों का मुख्यालय होगा। कर्मचारी अपना प्रकरण नहीं लड़ सकेगा। कर्मचारी के वेतन के धन से ही प्राईवेट प्रबंधकों के वेतन आदि बड़े-बडे़ खर्च झेलने पड़ेंगे। पेंशनर्स 30 से 35 वर्ष नौकरी करेगा और निवेशों की गड़बड़ी पर नियंत्रण नहीं कर सकेगा।
कर्मचारियों ने कहा कि उनकी तरफ से तमाम पत्र मुख्यमंत्री सहित केंद्र व प्रदेश के अन्य मंत्रियों को भेजे गये, सभी ने आश्वासन दिया। ऐसे में यदि मांग पूरी नहीं होती है तो यह प्रदेश के कर्मचारियों, शिक्षकों व अधिकारियों के साथ धोखा होगा। धरने की अध्यक्षता राकेश तोमर और संचालन बनी सिंह चौहान ने किया। गिरजाकांत, ओंकारनाथ दूबे, सुभाष दत्त शर्मा, डा. देवेंद्र सिंह, पूर्व एमएलसी रामबाबू शास्त्री, झम्मन सिंह वर्मा, प्रेमपाल सिंह राणा, मंजीत सिंह, पूनम गर्ग, संजीव शर्मा, सतीश त्यागी, सुनील भड़ाना, शेरपाल सिंह सोलंकी, डा. सविता शर्मा, स्नेह तिवारी, कुलदीप सिंह, अनुज शर्मा, मदन भारद्वाज आदि ने विचार रखे।