चाथे चरण में जिला पंचायत सदस्यों का नौ वार्डों में चुनाव होगा। अंतिम दिन कुल 46 नामांकन पत्र दाखिल हुए। जबकि पहले दिन 124 नामांकन दाखिल हुए थे। ऐसे में चौथे चरण के लिए अब तक सबसे ज्यादा 170 नामांकन दाखिल हुए हैं।
शनिवार को अंतिम दिन वार्ड छह से एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ। इस वार्ड से शुक्रवार को दस दावेदारों ने पर्चे दाखिल किये थे। जबकि वार्ड सात से शनिवार को राजेंद्र और अंशुल, वार्ड आठ से शबीला, वार्ड नौ से वीरेंद्र, रामवीर सिंह, योगेंद्र, साजिद, महबूब, नादिर अली, प्रबोध और अंकुश, वार्ड 10 से मीना, गीता, निर्मला, कुंतेश, मधु रानी, इंदू, सत्यवती और पूजा, वार्ड 11 से रेखा, सावित्री, प्रेमवती, प्रतिभा, इंदु, और सुनीता, वार्ड 12 से सावित्री, पूनम, पूनम, कमलेश, अंजू, अंजू, नुसरत बानो और कमलेश, वार्ड 13 से हेमलता, खेरू निशा, सबनम, शकीला, हरबीरी, नाजरीन, संजीदा और सादमीन तथा वार्ड 14 से सविता, बिमलेश, उर्वशी सिंह, सपना और ममता ने पर्चे दाखिल किए।
संजिदा का पर्चा दाखिल कराने पहुंचे भाजपाई
वार्ड 13 से भाजपा प्रत्याशी संजिदा का पर्चा दाखिल कराने के लिए भाजपाई जुलूस लेकर पहुंचे। जिला अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली की माता संजिदा को भाजपा ने यहां से प्रत्याशी बनाया है। पर्चा दाखिल कराने वालों में जितेंद्र वर्मा, सुनील भराला, शिवकुमार राणा, डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी, हरवीर सिंह पाल, नरेश त्यागी आदि मौजूद रहे।
नुसरत ने भरा सादगी से पर्चा
वर्तमान जिला पंचायत सदस्य नुसरत बानो ने वार्ड दस से पर्चा दाखिल किया। कलक्ट्रेट कर्मचारी गुलफाम अहमद की पत्नी नुसरत बानो सादगी से पर्चा दाखिल करने पहुंची।
विनय प्रधान ने दाखिल कराए कांग्रेसियों के पर्चे
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विनय प्रधान ने शनिवार को वार्ड सात से ऋषिपाल प्रधान, वार्ड नौ से अंकुश कुशावली, वार्ड दस से ममता और वार्ड 12 से कल्लो के पर्चे दाखिल कराया।
बैठ जा नहीं तो ‘उठा’ देंगे
अम्हेड़ा गांव में बीडीसी सदस्य के लिए चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी ने गांव के कुछ दबंग लोगों से जान का खतरा बताया है। पीड़ित पक्ष के लोगों ने गंगानगर थाने में शिकायत की है। आरोपियों ने जिपं अध्यक्ष के नाम पर धमकी दी है। गंगानगर क्षेत्र के अम्हेड़ा गांव में बीडीसी के चुनाव को लेकर विवाद होने लगा है। प्रत्याशी राकेश उर्फ जोशी को गांव के कुछ लोग शुक्रवार से धमका रहे हैं। राकेश का आरोप है कि उसके घर में जाकर उसे चुनाव में बैठने के लिए धमकी दी। विरोध करने पर पुलिस अफसरों से शिकायत कर उसके भाई को भी सस्पेंड कराने की धमकी दी। उसका भाई यूपी पुलिस में सिपाही है।
शनिवार शाम को कुछ लोग दोबारा राकेश के घर पहुंचे और अपने को जिला पंचायत अध्यक्ष का आदमी बताते हुए कहा कि बीडीसी के चुनाव लड़ने पर अंजाम ठीक नहीं होगा। जिसमें आरोपी पक्ष के प्रत्याशी ने कहा कि हमें प्रमुखी के लिए सोचना है, या तो चुनाव में बैठजा, नहीं तो नुकसान हो जाएगा। पीड़ित ने इसकी शिकायत गंगानगर पुलिस से की है। वहीं जिपं अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह का कहना है कि वह अम्हैड़ा गांव में कई माह से गए भी नहीं है। उनके नाम पर जो धमकी दी गई वह गलत है।
किसी भी प्रत्याशी को डरने की जरूरत नहीं है। थाने में तहरीर आती है तो आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। कैप्टन एमएम बेग, एसपी देहात
नाम वापसी के लिए चला दबाव का दौर
जिला पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। एक दूसरे को मात देने के खेल में धुरंधर चुनावी चौसर पर गोट बिछा रहे हैँ। इसका पहला कदम क्षति पहुंचाने वाले कमजोर प्रत्याशियों के पर्चे वापसी से उठाया गया। तीसरे चरण में पर्चा वापसी के दौरान वार्ड एक और 34 में यह साफ नजर आया।
वार्ड एक से 10 दावेदार मैदान में थे, लेकिन शनिवार को यहां से चार ने पर्चे वापस लिए। इनमें गीता ने पर्चा वापस इसलिए लिया कि उनके पति मांगेराम मैदान में है, तो नूर मौहम्मद ने इसलिए पर्चा वापस लिया कि उनके बेटे शमीम मैदान में हैं। लेकिन बाकी दो प्रत्याशियों में राजेंद्र जहां जाट बिरादरी से हैं तो नवभार उर्फ नवबहार गुर्जर बिरादरी से हैं। इन दोनों प्रत्याशियों के पर्चे शनिवार को वापस हुए। वार्ड एक से एक मात्र जाट प्रत्याशी राजेंद्र ही मैदान में थे, उनके चुनाव से हटने के बाद जाट बिरादरी का वोट अब स्वतंत्र हो गया है। पर्चा वापसी के दौरान मुखिया गुर्जर की मौजूदगी बता रही थी कि कहीं न कहीं बड़े स्तर की राजनीति सक्रिय रही।
ऐसा ही हाल वार्ड 34 में रहा। यहां से पांच प्रत्याशियों ने पर्चे वापस लिए। जिसमें कल्पना और रिजवाना ने अपने पतियों के पक्ष में पर्चे वापस लिए। बाकी तीन प्रत्याशी जयकीराव गौतम, धीरज सिंह और राजवीर सिंह के पर्चे वापस लेने के पीछे कहीं न कहीं गुर्जर राजनीति हावी रही है। क्योंकि इस वार्ड से सपा के विपिन भड़ाना के साथ ही अन्य कई प्रभावी गुर्जर प्रत्याशी मैदान में है।
दूसरे चरण में दिग्गजों का दंगल
जिला पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में सपा और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर होगी। हालांकि, बसपा यहां पहले से प्रभावी रही है। ऐसे में वह पूरा जोर लगा रही है। ऐसे में मुकाबला रोचक होता नजर आ रहा है। यही नहीं, दूसरे चरण में सपा के दो अध्यक्ष पद के दावेदार भी मैदान में होंगे।
दूसरे चरण में जिला पंचायत के वार्ड-22 से 31 तक कुल नौ वार्डों में 13 अक्तूबर को मतदान होना है। वार्ड-31 के आठ गांवों को छोड़ दें तो इस चरण में बाकी क्षेत्र किठौर विधानसभा के अंतर्गत आता है। यहां वार्ड-22 से सपा एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल के भतीजे और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दयानंद गुप्ता के पुत्र अजय अग्रवाल मैदान में हैं। वहीं, वार्ड-31 से कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के बेटे नवाजिश मंजूर मैदान में हैं।
शाहिद मंजूर किठौर विधानसभा से लगातार तीसरी बार विधायक हैं। जबकि, खरखौदा ब्लॉक के तहत वार्ड-22 का जो क्षेत्र आता है, वहां से पूर्व में अजय अग्रवाल के पिता दयानंद गुप्ता और उनकी चाची डॉ. सरोजिनी अग्रवाल चुनाव जीतकर जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं।
दूसरी तरफ, विधानसभा चुनाव में मात खाई भाजपा लोकसभा में यहां से जीत हासिल कर चुकी है। ऐसे में उसके सामने लोकसभा की बढ़त कायम रखने की चुनौती है। उसने दूसरे चरण में वार्ड-30 को छोड़कर शेष सभी में समर्थित प्रत्याशी उतारे हैं। यही नहीं, बसपा ने भी यहां पर दो चर्चित चेहरे मैदान में उतार रखे हैं।
वार्ड-31 में नवाजिश मंजूर के सामने जहां वसीम जब्बार हैं, तो वार्ड-30 में वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मनोज अधाना हैं। भाजपा ने भी एक वर्तमान जिला पंचायत सदस्य विश्वराज विशु को मैदान में उतारने के साथ जातीय समीकरण के साथ प्रत्याशी तय किए हैं।
इनकी प्रतिष्ठा जुड़ी
बात अगर प्रतिष्ठा की करें तो भाजपा में यहां से सांसद राजेंद्र अग्रवाल के साथ ही पूर्व मंत्री जयपाल सिंह, जितेंद्र वर्मा, प्रताप गुर्जर, जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी, नरेश गुर्जर, सतबीर त्यागी आदि नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं, बसपा में राज्यसभा सदस्य बाबू मुनकाद अली, पूर्व मंत्री लखीराम नागर की प्रतिष्ठा सीधे जुड़ी हुई है। जबकि, सपा के कैबिनेट मंत्री और एमएलसी डॉ. सरोजिनी अग्रवाल तो परिवार के सदस्यों के कारण सीधे चुनाव से जुड़े हैं।
तीसरे चरण में 106 प्रत्याशी मैदान में
तीसरे चरण में जिला पंचायत सदस्य पद के आठ वार्डों में चुनाव होगा। इसके लिए कुल 106 प्रत्याशी मैदान में है। शनिवार को 16 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिए। वहीं शेष प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। तीसरे चरण में 17 अक्तूबर को होने वाले मतदान में सबसे ज्यादा वार्ड 34 से बीस और सबसे कम वार्ड एक से छह प्रत्याशी मैदान में हैं।
ये चुनाव चिह्न आवंटित किए गए
वार्ड एक से अनिता (आरी), कुलविंदर सिंह (उगता सूरज), देवेंद्र (कप और प्लेट), बाबूराम (कलम दवात), मांगेराम (कुल्हाड़ी), शमीम (केतली)।
वार्ड दो से अनिता (आरी), अनिता शर्मा (उगता सूरज), आस्था (कप और प्लेट), चंदरू (कलम दवात), जसवंती (कुल्हाड़ी), प्रेमवती उर्फ रूपवती (केतली), मोनिका (कैंची), मोनिका शर्मा (क्रेन), रामपाली (खजूर का पेड़), सीमा (गमला), संगीता (गिटार)।
वार्ड तीन से जगमोहन (आरी), देवेंद्र सिंह (उगता सूरज), नितिन कुमार (कप और प्लेट), प्रकाश चंद (कलम दवात), प्रेमवती (कुल्हाड़ी), मनोज (केतली), मलखान (कैंची), राजेंद्र सिंह (क्रेन), विपेंद्र पाल सिंह (खजूर का पेड़), शीतल (गमला)।
वार्ड चार से जगरोशनी (आरी), जावेद मलिक (उगता सूरज), बबीता (कप और प्लेट), धर्मेंद्र (कलम दवात), धीरज (कुल्हाड़ी), नीतू (केतली), भोला (कैंची), रविता (क्रेन), राखी (खजूर का पेड़), संजीव (गमला), सीमा (गिटार), हितेश उर्फ हितेशा (घुड़सवार)।
वार्ड पांच से अनुराधा (आरी), कमलेश (उगता सूरज), कमलेश (कप और प्लेट), कुसुमलता (कलम दवात), पवन देवी (कुल्हाड़ी), प्रेमवती (केतली), प्रीति (कैंची), पूजा (क्रेन), बबीता (खजूर का पेड़), बरखा उर्फ पायल (गमला), राजकुमारी (गिटार), राजकुमारी (घुड़सवार) , रीना कुमारी (चश्मा), रीता (छड़ी), संतलेशा (छाता), संगीता (झोपड़ी), सीमा (टाइप राइटर), हेमलता (टेलीफोन)।
वार्ड 32 से ओमवीरी (आरी), इंतजार अहमद खां (उगता सूरज), जगवीर (कप और प्लेट), देवेंद्र सिंह (कलम दवात), प्रवीण कुमार (कुल्हाड़ी), बिन्नू (केतली), मुन्ना गिर (कैंची), संजय कुमार (क्रेन), सुंदर गिर (खजूर का पेड़), सुनील (गमला), सुशील (गिटार), हमजा (घुड़सवार)।
वार्ड 33 से अनवर अहमद (आरी), अब्दुल सलाम (उगता सूरज), इंतजार (कप और प्लेट), कपिल (कलम दवात), कुंतेश रानी (कुल्हाड़ी), कुलदीप कुमार (केतली), कुसुम (कैंची), गीता (क्रेन), गुरदीप (खजूर का पेड़), तसलीम (गमला), भूपेंद्र (गिटार), मुजीब (घुड़सवार), रजनी (चश्मा), राकेश (छड़ी), राशिद (छाता), रोहताश (झोपड़ी), विनोद कुमार (टाइप राइटर)।
वार्ड 34 से अजय यादव (आरी), अरविंद कुमार (उगता सूरज), कपिल (कप और प्लेट), कपिल (कलम दवात), कुसुम देवी (कुल्हाड़ी), दिलशाद (केतली), प्रतीक (कैंची), बिसनपाल (क्रेन), महेंद्री (खजूर का पेड़), मेघराज सिंह (गमला), मुनेश (गिटार), रणवीर सिंह (घुड़सवार), राजेंद्र (चश्मा), रामशरण (छड़ी), रोहित (छाता), रोहित (झोपड़ी), लोकेश (टाइप राइटर), विपिन कुमार (टेलीफोन), सफाउर्रहमान (टेलीविजन) और संजीव (ट्रैक्टर)।
इन्होंने लिए नाम वापस
वार्ड एक से राजेंद्र, नूर मोहम्मद, नवभार उर्फ नवबहार और गीता, वार्ड दो से सविता और सुखबीरी, वार्ड तीन से रिडका, वार्ड चार से मालविका, वार्ड पांच से पूजा और कुंतेश, वार्ड 33 से नगमेजहां तथा वार्ड 34 से कल्पना, जयकीराव गौतम, धीरज सिंह, राजवीर सिंह और रिजवाना।