सपा और भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुके जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट स्थित बचत भवन में होगा। बुधवार को पुलिस-प्रशासन ने चुनावी चक्रव्यूह को अंतिम रूप देते हुए कलक्ट्रेट परिसर को चारों तरफ से सील कर बैरिकेडिंग करा दी।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान कलक्ट्रेट परिसर में फुलप्रूफ व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात होगी। मतदान बचत भवन में पूर्वाह्न 11 बजे से सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होगा। जबकि, अपराह्न तीन बजे से मतगणना शुरू होगी। माना जा रहा है कि शाम चार बजे तक अध्यक्ष का फैसला हो जाएगा।
कलक्ट्रेट में अवकाश
चुनाव को देखते हुए कलक्ट्रेट में बृहस्पतिवार को अवकाश रहेगा। ऐसे में कलक्ट्रेट में सिर्फ निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के साथ नवनिर्वाचित सदस्यों और प्रत्याशियों को ही प्रवेश दिया जाएगा। कलक्ट्रेट के मुख्य द्वार से ही आम जनता का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होगा। हालांकि, कलक्ट्रेट मुख्य गेट के बाहर तक नवनिर्वाचित सदस्य गाड़ियों से आ सकेंगे। इसके बाद सभी को पैदल बचत भवन तक जाना होगा। इस बीच, कई बैरियर लगे होंगे, जहां से तलाशी और परिचय की औपचारिकता के बाद सदस्य बचत भवन तक पहुंचेंगे।
बचत भवन की व्यवस्था
बचत भवन में दोनों प्रत्याशियों को गेट के कोने पर बैठने की अनुमति दी गई है। साथ ही तीन निर्वाचन अधिकारी भीतर होंगे। मतदान करने वाले 34 सदस्य मतदान कक्ष के भीतर एक-एक कर जाएंगे और निर्वाचन अधिकारियों से बैलेट पेपर लेकर मतदान के लिए तैयार केबिन में जाएंगे। जहां पर बैलेट पेपर पर वरीयता क्रम दर्ज कर बैलेट को मतपेटिका में डालेंगे। एक सदस्य का मतदान पूरा होने के बाद ही दूसरा अंदर जाएगा। मतदान की पूरी प्रक्रिया की लगातार रिकार्डिंग भी होगी।
13 मजिस्ट्रेट तैनात
कलक्ट्रेट मुख्य द्वार से लेकर मतदान स्थल तक 13 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। इनमें सीडीओ नवनीत सिंह चहल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम कलक्ट्रेट गेट पर नवनिर्वाचित सदस्यों की आईडी चेक करेगी। उसके बाद ही भीतर जाने की अनुमति होगी। इसके अलावा पुलिस ऑफिस के सामने से लेकर एलेक्जेंडर क्लब के सामने तक सामान्य आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। दोनाें तरफ आरएएफ और पीएसी के साथ ही पुलिस बल तैनात रहेगा। पूरी सुरक्षा व्यवस्था एसपी सिटी ओपी सिंह संभालेंगे। कलक्ट्रेट परिसर में भारी सुरक्षा बल मौजूद रहेगा।
मीडिया भी रहेगी दूर
जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में पहली बार मीडिया को भी दूर रखने का प्रयास हो रहा है। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मीडिया को सिर्फ डीएम कार्यालय के बाहर तक जाने की अनुमति रहेगी। लेकिन, बचत भवन के सामने वाले परिसर को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाएगा। यहां पर सिर्फ नवनिर्वाचित सदस्य ही आ सकेंगे।
34 वोटों में 18 बना देंगे किस्मत
मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सभी 34 सदस्य मतदान करेंगे। इनमें जिसके भी पक्ष में 18 वोट आ जाएंगे, वही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर विराजमान होगा। 18 के इस जादुई आंकड़े को छूने को लेकर भाजपा और सपा दोनों ही पार्टियों के नेता पिछले 15 दिन से रात-दिन जूझ रहे हैं।
जिला पंचायत बोर्ड में इस बार नये परिसीमन के साथ चुनाव हुआ है। जिसमें चार सदस्यों की संख्या बड़ी है। गत चुनाव में 30 सदस्य निर्वाचित होकर आए थे। लेकिन इस बार 34 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। माना जा रहा है कि सभी 34 सदस्य चुनाव में मतदान करेंगे। ऐसे में जिस भी प्रत्याशी को 18 वोट या उससे अधिक मिल जाएंगे वही जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित होगा।
ये है 34 सदस्य
कुलविंदर सिंह, सीमा प्रधान, नितिन खटीक, बबीता भड़ाना, रीना कुमारी, मुकेश, ललित चौहान, हेमा, सुबोध, बबीता, रजनी देवी, अंजू, हेमलता, सपना, डॉ. मीनाक्षी भराला, सुमन भदौड़ा, अनिता, रविंद्र, शफीक, तनु, कुसुम, शमशाद, विनोद, सत्यपाल, कृष्णा, तरुण कुमार, साहिब आलम, जितेंद्र, अनुज वाल्मीकि, मनोज अधाना, नवाजिश मंजूर, मुन्ना गिरी, रोहताश गुर्जर और दिलशाद। गौरतलब है कि इनमें कुलविंदर सिंह भाजपा से और सीमा प्रधान सपा से अध्यक्ष पद की प्रत्याशी हैं। ये दोनों भी सदस्य के रूप में मतदान करेंगे।
देररात तक चला सपा का ऑपरेशन
जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के अंतिम क्षणों में सपा ने पूरी ताकत लगा दी। मंगलवार देर रात तक कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के घर बैठक के बाद से बुधवार सुबह ही अतुल प्रधान फिर उनके पास पहुंच गए। इसके बाद सुरेंद्र नागर पहुंचे और फिर देर रात तक बाईपास स्थित एक रिसॉर्ट में नेताओं का जमावड़ा लगा रहा।
शनिवार को हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद कैबिनेट मंत्री की संभावित नाराजगी को देखते हुए आगरा में मुख्यमंत्री ने खुद उनसे बात की। इसके बाद चुनाव प्रभारी सुरेंद्र नागर आ डटे, तभी से मंत्री शाहिद मंजूर के साथ चुनावी रणनीति बनाई जा रही है। खुद अतुल प्रधान गिले-शिकवे दूर करने के लिए कैबिनेट मंत्री के आवास पर डेरा जमाए रहे। बुधवार देर शाम भी वह मंत्री के साथ ही रहे।
सपा ने अपने समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को एक रिसॉर्ट में रुकवाया और वहीं वोट डलवाने की रणनीति के साथ किसी तरह के नुकसान को रोकने की योजना बनाई। सपा के चुनाव प्रभारी सुरेंद्र नागर ने दावा है कि उनके पास जीत के लिए जरूरी वोट हैं। नतीजा सपा के पक्ष में ही आएगा।
शिवपाल यादव लेते रहे जानकारी
चर्चा यह भी रही कि पार्टी के दिग्गज नेता शिवपाल यादव ने दिन में कई बार फोन पर चुनाव की जानकारी ली। कहा यह भी जा रहा है कि उन्होंने चुनाव में पार्टी के नेताओं के सहयोग के अलावा अन्य पहलुओं पर अपडेट लेते हुए प्रत्याशी को जिताने के निर्देश दिए।
गिरफ्तार नहीं होगी, मतदान करेगी सुमन
सत्ता के दबाव में कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन भदौड़ा का वोट डलवाने की पूरी तैयारी पुलिस प्रशासन ने कर ली है। मंगलवार को जहां गुपचुप तरीके से प्रमाण पत्र जारी किया गया तो अब वोट के बदले नाम निकालने के समझौते के तहत सुमन का वोट भी डलवाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। समझा जा रहा है कि सुमन की गिरफ्तारी नहीं होगी और वह मतदान करने बचत भवन पहुंचेगी।
सुमन भदौड़ा वार्ड 16 से जिला पंचायत सदस्य चुनाव जीतकर आयी है। चुनाव से पहले ही सुमन भदौड़ा के खिलाफ नितिन गंजा हत्याकांड में आपराधिक षड्यंत्र रचने (धारा 120 बी आईपीसी) के तहत रिपोर्ट दर्ज है। इस मामले में सुमन वांछित चल रही थी। सुमन भदौड़ा जिला पंचायत सदस्य चुनाव का नामांकन भी भरने नहीं आयी थी। यह नामांकन उनके अधिवक्ता ने जमा किया था। इसके बाद जब निर्वाचन प्रमाण पत्र दिए गए तो एडीएम (वित्त एवं राजस्व) गौरव वर्मा ने सुमन भदौड़ा को व्यक्तिगत रुप से उपस्थित होकर प्रमाण पत्र लेने की बात कहते हुए उनके प्रतिनिधि को प्रमाणपत्र देने से इंकार कर दिया था।
मंगलवार शाम गुपचुप तरीके से सुमन कलक्ट्रेट आयी और प्रमाण पत्र ले गयी। इस दौरान सपा नेता अतुल प्रधान और जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी पुलिस को नहीं थी। लेकिन पुलिस ने पहले ही इस मामले में सपा के पक्ष में सुमन की वोट तैयार करने की पटकथा तैयार कर दी थी। सूत्रों के अनुसार नितिन गंजा हत्याकांड में समझौता हो चुका है और शपथ पत्र भी आ चुके हैं। लेकिन नाम बाहर करने के बदले वोट की शर्त पर यह पूरा खेल तैयार हुआ है।
हालांकि अभी सुमन भदौड़ा का नाम केस से बाहर नहीं हुआ है। फिर भी उसकी वोट डलवाने की पूरी तैयारी पुलिस-प्रशासन कर चुका है। माना जा रहा है दो-तीन दिन के भीतर सुमन भदौड़ा को नितिन हत्याकांड से बाहर कर दिया जाएगा। लेकिन इससे पहले सुमन की वोट सपा के पक्ष में करने की पूरी तैयारी करते हुए बृहस्पतिवार को मतदान में भी लाने की तैयारी हो चुकी है।