पार्थिव शरीर के गांव में पहुंचने से पहले ही लोग जवान पर फूल बरसाने की तैयारी कर रहे थे। ट्रैफिक पुलिस ने शहीद के पार्थिव शरीर को ले जाने के लिए रूट निर्धारित कर लिया था। इसको देखते हुए थानेदारों की ड्यूटी भी लगाई थी। ताकि पार्थिव शरीर को समय से बसी टिकरी पहुंचाया जा सके।
शहीद अजय के घर पहुंचने वालों में मेरठ के प्रभारी मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह , राष्ट्रीय लोकदल के जयंत चौधरी, मेरठ के भाजपा विधायक दिनेश खटीक, संगीत सोम, जितेंद्र सतवाई, सोमेंद्र तोमर, सतवीर त्यागी, वरिष्ठ भाजपा नेता चौधरी अजीत सिंह, सांसद राजेंद्र अग्रवाल व केंद्रीय मंत्री सतपाल सिंह शामिल हैं। ये सभी दिग्गज शहीज अजय के पैतृक आवास पहुंचे और शहीद के परिजनों को सांत्वना दी।
यहां गांव में पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगाते हुए लोग शहीद के घर पहुंच रहे हैं। वहीं परिजनों ने राजनेताओं का विरोध भी किया और पीएम मोदी की वाराणसी रैली पर भी सवाल उठाए।
शहीद अजय के गांव में लोगों में सरकार के खिलाफ भी खूब गुस्सा फूटा। लोगों ने पीएम मोदी को वोट देने से भी इंकार किया। लोगों शहीद के घर पहुंचे नेताओं से सवाल करते हुए कहा कि हमारे जवान मारे जा रहे हैं और नेता दिल्ली में बैठकर क्या करते हैं।
हुक्का गुड़गुड़ा कर पाकिस्तान पर चोट
गांव के बुजुर्ग हुक्का गुड़गुड़ा कर सरकार की नीतियों और पाकिस्तान को कोसने में लगे रहे। घर के बाहर बैठे बुजुर्गों ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने पाकिस्तान को करारा जवाब देने में देर कर दी है।
सूनी हुईं गलियां, ठंडे पड़े चूल्हे
गांव के हर छोर पर अजय की शहादत के चर्चे थे। सबकी नजरें अजय के पार्थिव शरीर के आने पर लगी रहीं। गलियां सूनीं हो गईं और सभी लोग अजय के घर पर जुटे रहे। घरों में चूल्हे ठंडे पड़े रहे। गांववासियों को अजय की शहादत पर गर्व था तो पाकिस्तान की कायरता पर आक्रोश।